Divorce Rate : विश्व के अन्य देशों की तुलना में भारत में विवाह-विच्छेद (तलाक) की दर नगण्य !

  • भारत में प्रत्येक १०० विवाहों में से १ का तलाक होता है !

  • भारत में यह दर १%, जबकि पुर्तगाल में सबसे अधिक ९४% है !

नई दिल्ली : वर्तमान में संबंधों में बढती रूखापन, लोगों की महत्वाकांक्षाएं, एक-दूसरे से अपेक्षाएं तथा पश्चिमी संस्कृति का अंधानुकरण जैसी चीजों के प्रभाव से भारत में तलाक की दर बढ रही है । परंतु, वैश्विक स्तर पर देखा जाए तो यह दर नगण्य है । भारत में प्रत्येक १०० विवाहों में से १ विवाह विक्षेद होता है, जिसका अर्थ है कि विवाह विक्षेद का प्रतिशत १% है । वहीं, सबसे अधिक विवाह विक्षेद की दरवाले देशों में (पोर्तुगाल) पुर्तगाल है, जहां यह दर ९४% है । इसका अर्थ है कि प्रत्येक १०० पोलिश दंपतियों में से ९४ जोडे (दंपति) समय के साथ अलग हो जाते हैं । यह जानकारी ‘वर्ल्ड ऑफ स्टैटिस्टिक्स’ नामक संस्था ने अपने एक्स अकाउंट से साझा की है ।

१. भारत में तलाक की दर १% है । इसके बाद वियतनाम में ७%, ताजिकिस्तान में १०%, ईरान में १४%, तथा मेक्सिको, मिस्र एवं दक्षिण अफ्रीका में प्रत्येक में १७% है।

२. विकसित देशों की बात करें तो जापान में ३५%, जर्मनी में ३८%, यूनाइटेड किंगडम में ४१%, ऑस्ट्रेलिया में ४३%, जबकि अमेरिका में प्रत्येक १०० विवाहित जोडों में से ४५ तलाक लेते हैं । चीन में भी यह दर ४४% है । (इसका अर्थ है कि जैसे-जैसे कोई देश विकसित होता जाता है, असंतोष तथा स्वार्थ भी बढता जाता है ! – संपादक)

३. अत्यधिक तलाक की दर वाले अन्य देशों में यूक्रेन में ७०%, रूस में ७३%, लक्सेमबर्ग में ७९%, तथा स्पेन में ८५% है ।

संपादकीय भूमिका 

सनातन धर्म की व्यापक शिक्षाओं के कारण ही तलाक के प्रकरणों में भारत की स्थिति अच्छी है । इसका अर्थ है कि यदि सभी लोग सनातन धर्म का कठोरता से पालन करें एवं साधना करें, तो हम विवाह विक्षेद को ही समूल समाप्त कर सकते हैं !