‘सत्य की जीत’ हुई, परंतु संपूर्ण न्याय तभी मिलेगा जब षड्यंत्र रचनेवालों को दंड दिया जाएगा ! – सनातन संस्था

मुंबई – मालेगांव बम विस्फोट में सभी हिन्दुत्वनिष्ठों को निर्दोष मुक्त किया, अंतत: न्यायदेवता के मंदिर में पुन: एक बार सत्य की जीत हुई । धर्मनिष्ठा की जीत हुई । यह निर्णय हिन्दू समाज के लिए ऐतिहासिक है । सनातन संस्था निर्दोष सिद्ध हुए सभी राष्ट्रभक्तों को मनःपूर्वक बधाई देती है । इस निर्णय ने केवल अन्याय दूर नहीं किया, अपितु ‘हिन्दू आतंकवाद’ को प्रचारित करने का षड्यंत्र भी उजागर कर दिया है । आज हिन्दुत्वनिष्ठों की निर्दोष मुक्तता हुई; परंतु जब तक हिन्दुओं को फंसानेवाले, झूठे प्रमाण प्रस्तुत करनेवाले, साध्वीजी सहित उन सभी पर कारावास में अत्याचार करनेवाले षड्यंत्रकारी शक्तियों को दंड नहीं मिलता, तब तक यही कहा जाएगा कि न्याय अभी पूर्ण नहीं हुआ है । सनातन संस्था के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री अभय वर्तक ने इस प्रकरण के न्यायिक निर्णय के उपरांत यह मांग की है कि इन सभी पर कार्रवाई होनी ही चाहिए ।

श्री वर्तक ने आगे कहा कि

१. परमबीर सिंह और अन्य अधिकारियों ने झूठे प्रमाण प्रस्तुत किए !

निर्दोष मुक्त हुए हिन्दुओं को ‘भगवा आतंकवाद’ और ‘हिन्दू आतंकवाद’ जैसे झूठे आरोपों का कलंक सहते हुए अनेक वर्ष अन्यायपूर्ण कारावास भोगना पडा । इस प्रकरण में तत्कालीन जांच एजेंसियों की अत्यधिक पक्षपाती और पूर्वाग्रहपूर्ण भूमिका थी । विशेषरूप से उस समय के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी परमबीर सिंह और अन्य उच्च अधिकारियों ने राजनीतिक दबाव में झूठे प्रमाण प्रस्तुत कर निर्दोषों को आरोपी सिद्ध करने का प्रयत्न किया ।

सनातन संस्था के साधकों को षड्यंत्रपूर्वक फंसाया

२. कांग्रेस के नेता दिग्विजय सिंह, पी. चिदंबरम और सुशीलकुमार शिंदे ने हिन्दुओं को आतंकवादी घोषित किया !

तत्कालीन कांग्रेस नेताओं ने ‘भगवा आतंकवाद’ शब्द प्रचलित कर हिन्दुओं को आतंकवादी बताने का प्रयास किया ।

३. सनातन संस्था के निर्दोष साधकों को भी फंसाया गया !

वर्ष २००९ में इसी कांग्रेस ने मडगांव बम विस्फोट के मामले में सनातन संस्था के साधकों को षड्यंत्रपूर्वक फंसाया था; जिन्हें वर्ष २०१३ में उन्हें अदालत ने निर्दोष मुक्त किया । उसीप्रकार वर्ष २००८ में फंसाए गए लोगों को १७ वर्षों बाद न्यायालय ने निर्दोष घोषित किया ।

४. हिन्दू समाज को आतंकवादी बताने का अपराध कांग्रेस ने किया; परंतु न्यायदेवता ने हिन्दू समाज को न्याय दिया ।