
पंढरपूर – प्रतिवर्ष लाखों वारकरी आषाढी एवं कार्तिकी एकादशी के उपलक्ष्य में पंढरपुर में श्री विठ्ठल के चरणों में नतमस्तक होते हैं । वर्तमान में आषाढी एकादशी के उपलक्ष्य में ‘लोचनात त्रिभुवन अवघे लेकरांस गवसून जाय माझी पंढरीची माय, माझी पंढरीची माय’ (नेत्रों में त्रिभुवन पूरा, मिले मुझसे मेरी पंढरपुर की मां, मेरी पंढरपुर की मां), ऐसा बोलते हुए वारकरियों की फेरियां पंढरपुर पहुंच रही हैं । वारकरी संप्रदाय का धर्मकार्य एवं राष्ट्रनिष्ठा महाराष्ट्र की वास्तविक पहचान है । विगत अनेक शताब्दियों से वारकरी संप्रदाय नैतिक मूल्यों, संस्कृतिरक्षा एवं देशभक्ति की सीख दे रहा है । वर्तमान समय में भी धर्म, संस्कृति एवं राष्ट्र के हित के लिए वारकरी संप्रदाय अग्रणी है ।
महाराष्ट्र में वारकरी संप्रदाय बडे स्तर पर होते हुए भी यद्यपि पंढरपुर एवं आळंदी इन तीर्थस्थलों में अपेक्षित सुविधाओं का अभाव है । इसके साथ ही आळंदी में प्रस्तावित पशुवधगृह, बारी में होनेवाली धर्मद्रोहियों की घुसपैठ, संतों की भक्तिरचनाओं का अपनी सुविधा के अनुसार अनुचित अर्थ लगाकर किया जानेवाला दिशाभ्रम, इनके सहित अन्य समस्याओं पर आवाज उठाने सहित महाराष्ट्र की सरकार से अन्य महत्त्वपूर्ण मांगें की जाएं; इसके लिए आषाढी एकादशी को अर्थात ६ जुलाई को पंढरपुर में भव्य वारकरी महाअधिवेशन का आयोजन किया जानेवाला है, यह जानकारी हिन्दू जनजागृति समिति के महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ राज्यों के संगठक श्री. सुनील घनवट ने प्रेस विज्ञप्ति द्वारा दी है ।
Grand Warakari Convention in Pandharpur – July 6 🚩
A united step to protect Warakaris & the sacred Wari tradition from rising attacks!
🗣️ Presided by Mahant Guruvarya Parampujya Ramagiri Maharaj
📢 Address by @HinduJagrutiOrg‘s @SG_HJS & other dignitaries
✨ Key Focus Areas:… pic.twitter.com/TlsX7tAj7j
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) July 4, 2025
यह अधिवेशन सद्गुरु श्री गंगागिरी महाराज मठ, भक्तिमार्ग, जनकल्याण हॉस्पिटल की बाजू में, पंढरपुर में दोपहर १ से ३.३० बजे की अवधि में होनेवाला है । महंत गुरुवर्य प.पू. रामगिरी महाराजजी इस अधिवेशन के अध्यक्ष होंगे तथा इस अधिवेशन में वरिष्ठ कीर्तनकार संतवीर ह.भ.प. बंडातात्या कराडकरजी, महाराष्ट्र वारकरी महामंडल के अध्यक्ष ह.भ.प. रामेश्वरशस्त्री महाराजजी तथा सचिव ह.भ.प. नरहरी महाराज चौधरीजी, पंढरपुर के श्री विठ्ठल-रुक्मिणी संस्थान के न्यासी विश्वस्त ह.भ.प. प्रकाश महाराज जवंजाळजी, ‘महाराष्ट्र गोसेवा आयोग’ के अध्यक्ष श्री. शेखर मुंदडा, जगद्गुरु श्री संत तुकाराम महाराज संस्थान के न्यासी ह.भ.प. माणिक महाराज मोरेजी, श्री संत ज्ञानेश्वर महाराज संस्थान, आळंदी के प्रमुख न्यासी योगी निरंजननाथजी, ह.भ.प. छोटे कदम माऊलीजी, ह.भ.प. नरेंद्र महाराज मस्केजी, श्रीक्षेत्र आपेगांव के ह.भ.प. विष्णु महाराज आपेगांवकरजी, ‘अखिल भारतीय संत समिति’ के प्रदेश महामंत्री स्वामी भारतानंद सरस्वती महाराजजी, महाराष्ट्र वारकरी महामंडल के कोंकण प्रांताध्यक्ष ह.भ.प. भगवान महाराज कोकरेजी, राष्ट्रीय वारकरी परिषद के ह.भ.प. मारुति महाराज तुनतुनेजी तथा कार्याध्यक्ष ह.भ.प. बापू महाराज रावकरजी, हिन्दू जनजागृति समिति के महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ राज्यों के तथा छत्तीसगड के राज्य संघठक श्री. सुनील घनवट सहित अन्य संत-महंत, ह.भ.प., धर्माचार्य एवं हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों के प्रमुख मार्गदर्शन करेंगे ।
इस अधिवेशन में धर्मरक्षा हेतु कार्यरत धर्मरक्षकों को सम्मानित किया जाएगा । वारकरी-श्रद्धालु इस अधिवेशन में बडी संख्या में उपस्थित रहें, साथ ही और जानकारी के लिए श्री. राजन बुणगे से ९७६२७२१३०४ इस क्रमांक पर संपर्क करें, ऐसा आवाहन आयोजकों की ओर से किया गया है ।
अधिवेशन में निम्न विषयों पर विचारमंथन एवं मार्गदर्शन किया जाएगा
१. पंढरपुर, देहू, आळंदी, पैठण, मुक्ताईनगर सहित सभी तीर्थस्थल स्थाईरूप से मदिरा-मांसमुक्त किए जाएं, साथ ही इन सभी तीर्थस्थलों के १० किलोमीटर परिसर में गैरहिन्दुओं के धर्मप्रसार पर प्रतिबंध लगाया जाना
२. संत, संत-साहित्य, राष्ट्रपुरुष, धर्म, देवता आदि का अनादर करनेवालों पर कठोर कार्यवाही होने हेतु ईशनिंदा कानून लागू करना
३. संतों की भक्तिरचनाओं का अपनी सुविधा के अनुसार अनुचित अर्थ लगाकर वारी का वातावरण कलुषित करनेवालों पर सरकार के द्वारा स्थाईरूप से प्रतिबंध लगाया जाना
४. गोहत्या एवं गोतस्करी रोकने हेतु महाराष्ट्र में लागू गोहत्या प्रतिबंध कानून का कठोरता से कार्यान्वयन करना
५. ‘लव जिहाद’ से हिन्दू युवतियों की रक्षा होने हेतु आनेवाले वर्षाकालीन अधिवेशन में ‘लव जिहाद’ विरोधी कानून तत्काल पारित करना
६. इंद्रायणी एवं चंद्रभागा इन नदियों का प्रदूषण रोकने हेतु स्थाई उपाय करना
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