५ लोगों की मृत्यु

पुणे – यहां के मावळ तहसील के तळेगाव दाभाडे शहर के कुंडबागान के निकट इंद्रायणी नदी पर स्थित पुराना पुल १५ जून की दोपहर को गिरा। इस दुर्घटना में ५ लोगों की मृत्यु, जबकि २५ से ३० लोगों के बह जाने की प्राथमिक जानकारी है । यह पुल ३० वर्ष पुराना था । १५ जून को रविवार अर्थात छुट्टी का दिन होने से १०० से अधिक लोग यहां घूमने आए थे । तब पुराने पुल के सिमेंट से बने स्तंभ गिर गए तथा पुल का लोहे का ढांचा नीचे गिरकर लोग पानी की धारा में बह गए । दुर्घटना स्थल पर पुलिसकर्मियों सहित राष्ट्रीय आपदा राहत दल के सैनिकों ने आकर राहतकार्य आरंभ किया है ।
इस पुल के स्थान पर छुट्टी के दिन बडी संख्या में पर्यटक आते हैं, यह ज्ञात होते हुए भी इस पुल का रखरखाव नहीं किया गया था । (इसके लिए उत्तरदायी अधिकारियों पर कार्रवाई होना आवश्यक है ! – संपादक)
राष्ट्रीय आपदा राहत दल के सैनिकों द्वारा राहत कार्य आरंभ ! – मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस
दुर्घटना स्थल पर राष्ट्रीय आपदा राहत दल के सैनिकों के द्वारा राहतकार्य चल रहा है । कुछ लोगों को बचाने में सफलता मिली है; परंतु कुछ लोगों के बह जाने की संभावना है । घायलों को चिकित्सालय में भर्ती किया गया है । सभी तंत्रों को सतर्क रहने का आदेश दिया है तथा मैंने इस विषय में मंडल आयुक्त एवं जिलाधिकारी से बात की है । इस दुर्घटना में कितने लोगों की मृत्यु हुई है ?, इस विषय में ठोस जानकारी मिलने पर ही बात की जा सकेगी ।
लोगों को भीड न जुटाने के निर्देश देकर लोग इस पुल पर बडी संख्या में आते हैं ! – राष्ट्रवादी कांग्रेस के विधायक
इस पुल पर भीड न जुटाने की तथा सतर्कता बरतने के बार-बार निर्देश देकर भी लोग यहां भीड जुटाते हैं । इस पुल पर पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं, तब भी यह दुर्घटना हुई है ।
नए पुल के निर्माण के लिए धन का आवंटन किया गया है ! – उपमुख्यमंत्री अजित पवार
संबंधित पुल बहुत पुराना था । इससे पूर्व ही यहां ८ करोड रुपए का नया पुल पारित किया गया है । इस विषय में जिलाधिकारी को जानकारी देने के लिए कहा गया है । उसके उपरांत हम उसका कार्यान्वयन करेंगे ।
| स्थानीय नागरिकों ने बताया कि प्रशासन ने इस पुल को अनेक बार ‘यह पुल संकटकारी है’, ऐसे निर्देश देकर भी नागरिक इस पुल का उपयोग कर रहे थे, साथ ही उससे दोपहिया वाहन भी ले जाए जाते थे । नागरिकों ने नए पुल का निर्माण पूरा होने तक पुराने पुल का उपयोग करने की अनुमति मांगी थी । |
१. जीर्ण एवं संकटकारी बन जाने के कारण इस पुल को पिछले वर्ष से उपयोग के लिए बंद किया गया था । इस पुल को एक ओर से बंद किया गया था, जबकि दूसरी ओर से खुला था । (उसी समय दोनों बाजुएं बंद क्यों नहीं की गईं ? इसके लिए कौन उत्तरदायी है ?, यह जनता को ज्ञात होना चाहिए ! इसके साथ ही यदि यह पुल उपयोग के लिए बंद किया गया हो, तो लोगों द्वारा इस पुल का उपयोग किया जाना संकटकारी था, यह स्पष्ट था । तब भी इस पुल से आने-जानेवालों पर अपराध पंजीकृत किया जाना चाहिए तथा उन्हें दंडित भी किया जाना चाहिए ! – संपादक)
२. इस पुल को गिराने के लिए पिछले वर्ष ही टेंडर निकाला गया था; परंतु पूरे वर्ष में उसे गिराने का काम नहीं हुआ । (इससे प्रशासन की निष्क्रियता स्पष्ट होती है ! क्या सरकार इसके लिए उत्तरदायी अधिकारियों पर कार्रवाई करेगी ? – संपादक)
३. मुसलाधार वर्षा होने के कारण इंद्रायणी नदी का जलस्तर बढने से लोगों ने इस नदी का छायाचित्र खींचने के लिए तथा नदी की धारा देखने के लिए इस पुल पर भीड जमा की थी । जब यह पुल गिरा, उस समय इस पुल पर १०० से १२५ लोग खडे थे, ऐसा बताया जा रहा है ।
४. बह गए लोगों की खोज जारी है, जबकि अब तक २ लोगों के शव मिले हैं ।
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