धर्मनिरपेक्षता कुछ लोगों के लिए ढाल नहीं, अपितु तलवार बन गई है।

बंगाल पुलिस द्वारा शर्मिष्ठा को बंदी बनाने पर आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने की आलोचना 

(बाईं ओर से) शर्मिष्ठा पनौली और आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण

अमरावती (आंध्र प्रदेश) – जब अधिकांश नेता, विशेष रूप से तृणमूल कांग्रेस के सांसद, सनातन धर्म की आलोचना करते हैं, तब करोड़ों लोगों के हृदय में उठने वाले पीड़ा का क्या ? जब हमारे धर्म को ‘घिनौना धर्म’ कहा जाता है, तब कोई कुछ क्यों नहीं कहता ? उस समय वे क्षमा क्यों नहीं मांगते ? उन्हें तुरंत बंदी क्यों नहीं बनाया जाता ? धर्मनिरपेक्षता कुछ के लिए ढाल तथा कुछ के लिए तलवार का काम नहीं होना चाहिए । वास्तव में, धर्मनिरपेक्षता एक ‘टू-वे स्ट्रीट’ होनी चाहिए (यानी सभी धर्मों के लिए एक ही कानून होना चाहिए) । बंगाल पुलिस, यह मत भूलो कि पूरा देश तुम्हें देख रहा है — ऐसा तीखा प्रहार आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने शर्मिष्ठा पनोली को बंदी बनाने पर किया ।

संपादकीय भूमिका

हिन्दूओं पर हो रहे अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने वाले गिने-चुने ही राजनीतिक नेता हैं। उनमें से एक हैं पवन कल्याण , इसलिए हिन्दूओं को अब उनमें एक आशा की किरण जागने लगी है ।