
फोंडा, गोवा (सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवले नगरी) – पहले गोवा में लोग समुद्र तथा अन्य स्थल देखने के लिए आते थे; परंतु गोवा में सनातन संस्था का कार्य आरंभ होने पर नागरिक भारतीय संस्कृति तथा मंदिर देखने के लिए यहां आते हैं । गोवा भोगभूमि नहीं, अपितु देवभूमि है । सनातन संस्कृति एवं शंखनाद महोत्सव के कारण यहां का अर्थकारण एवं सांस्कृतिक पर्यटन बढेगा ।
परात्पर गुरु डॉ. जयंत आठवले यांना शतशः वंदन!
सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव साठी गोव्यात आलेल्या समस्त मठाधीश, स्वामीजी आणि लोकांचे हार्दिक स्वागत. हा महोत्सव सांस्कृतिक, आध्यात्मिक आणि राष्ट्रीय जडणघडण जपण्याची महान संधी आहे.
परात्पर गुरु डॉ. जयंत आठवले गुरुजींनी वैद्यकीय… pic.twitter.com/UwIsfRsNSs
— Dr. Pramod Sawant (@DrPramodPSawant) May 17, 2025
At the Sanatan Rashtra Shankhnad Mahotsav, Goa CM @DrPramodPSawant praised Sanatan Sanstha’s media –@SanatanPrabhat for swiftly spreading news on Dharma & Rashtra. He called Goa a Yog Bhumi, not Bhog Bhumi -the sacred land of Gomata & Parashuram
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विगत २५ वर्षों से सनातन संस्था हिन्दू धर्म के प्रसार का बडा कार्य कर रही है तथा संस्था द्वारा की गई आध्यात्मिक ग्रंथों की निर्मिति युवकों को प्रेरणा देनेवाली तथा अगले १०० वर्षों तक दिशादर्शक है । सनातन संस्था का कार्य समाज के लिए दीपस्तंभ की भांति है, ऐसे गौरवोद्गार गोवा राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने व्यक्त किए ।
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी, कथावाचक पू. देवकीनंदन ठाकुरजी एवं पद्मश्री सद्गुरु ब्रह्मेशानंदाचार्य स्वामीजी की दिव्य उपस्थिति में शुभारंभ !गोवा शासन की ओर से सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी का विशेष सम्मान

सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी के ८३वें जन्मोत्सव के निमित्त गोवा शासन की ओर से मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने उन्हें सम्मानित किया । मुख्यमंत्री ने सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी का शॉल एवं भेंटवस्तु प्रदान की । इस समय मुख्यमंत्री ने कहा, ‘यह सम्मान गोवा सरकार एवं पूरे मंत्रीमंडल की ओर से किया जा रहा है ।’
महोत्सव में मुझे विश्वरूप का दर्शन हुआ है ! – डॉ. सुरेश चव्हाणके, मुख्य संपादक तथा संचालक, ‘सुदर्शन’ न्यूज चैनल

सनातन संस्था को २५ वर्ष पूरे हो गए हैं, तब भी सनातन संस्था को संघर्ष करना पडा है । इस संघर्ष में ही विजय है । मैंने कुछ वर्षों पहले भगवा आतंकवाद, साध्वी प्रज्ञासिंह की गिरफ्तारी और उनपर हुए अत्याचार, हिन्दू धर्म की अपकीर्ति के विषय में सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी से चर्चा की थी । उस समय उन्होंने दिव्यदृष्टि से जो जानकारी दी थी, उसकी प्रतीति मुझे आज भी हो रही है । उसका परिणाम मुझ पर हुआ । उससे प्रभावित होकर मैंने हिन्दुत्वनिष्ठ ‘सुदर्शन’ समाचार चैनल आरंभ किया । दैनिक ‘सनातन प्रभात’ और सुदर्शन समाचार चैनल ने लगातार अन्याय के विरुद्ध लडाई लडी है ।
अन्य आध्यात्मिक संगठन विज्ञान के आधार पर हिन्दुओं का मार्गदर्शन करते हैं; परंतु सनातन संस्था ब्राह्मतेज और क्षात्रतेज का ज्ञान देकर धर्मकार्य कर रही है । उसी के अनुसार संस्था ने बिना डगमगाए आज के समारोह स्थल पर संस्था ने शस्त्रास्त्रों की प्रदर्शनी लगाई है । इससे सनातन संस्था ने हिन्दू धर्म के प्रति निष्ठा दिखाई है । यह संस्था ही सही अर्थों में धर्म और अध्यात्म का प्रचार कर रही है । सनातन संस्था का मुख्यालय गोवा में है । इससे गोवा ‘भोगभूमि’ न होकर वह ‘योगभूमि’ है, यह इस संस्था ने दिखा दिया है ।
इससे पहले छत्रपति शिवाजी महाराज ने गोवा में भगवा झंडा फहराया था, वैसे ही आज महोत्सव के अवसर पर यहां के चौराहों पर भगवा ध्वज फहराता हुए देखकर मुझे और सभी हिन्दुओं को आनंद हो रहा है । सच तो यह है कि गुरुदेवजी को अब विराट रूप में सभी को दर्शन देना आवश्यक था, इसके लिए आज महोत्सव का आयोजन किया गया है । इस महोत्सव में मुझे विश्वरूप का दर्शन हो रहा है ।
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