Surajya Abhiyan : सुराज्य अभियान द्वारा प्रतिबंधित आस्थापन ‘अरेन्को केटरिंग’ पर कार्रवाई करने की मांग !

  • रेलमंत्री तथा पर्यटन विभाग से मांग

  • खाद्य सेवापूर्ति करनेवाले आस्थापन पर प्रतिबंध लगा कर भी आस्थापन का कामकाज चल रहा है

मुंबई – ‘मेसर्स अरेन्को केटरिंग’ आस्थापन पर ‘इंडियन रेल्वे केटरिंग एंड टुरिजम कॉर्पोरेशन’ ने (‘आइ.आर्.सी.टी.सी.’ने) २६ मार्च २०२४ से २५ मार्च २०२७ की कालावधि तक प्रतिबंध लगाया है । तब भी यह आस्थापन ‘आइ.आर्.सी.टी.सी.’ के नियम तथा ग्राहक अधिकार नीति का उल्लंघन कर केटरिंग सेवा (खाद्य पूर्ति करने की सेवा) कर रहा है, विश्वासार्ह ब्यौरा एवं प्रवासियों की तकरारों द्वारा यह बात सामने आई है । इस प्रकरण का तत्काल पंजीकरण कर प्रतिबंधित आस्थापन ‘अरेन्को केटरिंग’ पर कार्रवाई करने की मांंग सुराज्य अभियान के महाराष्ट्र समन्वयक श्री. अभिषेक मुरुकटे ने रेल्वेमंत्री श्री. अश्विनी वैष्णव तथा ‘आइ.आर्.सी.टी.सी.’ के अध्यक्ष तथा व्यवस्थापकीय संचालक श्री. संजयकुमार जैन से की है।

सुराज्य अभियान  द्वारा उपस्थित किए गए  सूत्र –

१. प्रतिबंधित करने पर भी ‘मेसर्स अरेन्को केटरिंग’ अभी तक रेलगाडियों में  सेवा दे रही है, ऐसा समाचार है । यह आस्थापन वर्तमान में ‘आइ.आर्.सी.टी.सी.’ अथवा झोनल रेल्वे अधिकारक्षेत्र के  गुट में सीधे अथवा अप्रत्यक्ष रूप से सम्मिलित है अथवा नहीं, यह स्पष्ट करने की आवश्यकता है ।

२. कैग के ब्यौरे के अनुसार ‘आइ.आर्.सी.टी.सी.’ ने ‘मेसर्स अरेन्को केटरिंग’ को ६२ लाख रुपयों का दंड सुनाया था, जिसमें ५४ लाख रुपए नहीं भरे गए । ऐसे बकाया रखनेवालों के साथ किया गया करार रद्द करने की आवश्यकता है , ऐसे आस्थापन को  दक्षिण रेल्वे ने ११ तथा ‘आई.आर्.सी.टी.सी.’ ने  ७ संविदाकार दिए हैं ।

३. उपर्युक्त विषय ध्यान में लेते हुए तथा दोषी आस्थापन एवं सम्मिलित अधिकारियों के विरुद्ध संबंधित ग्राहक सुरक्षा कानून के अंतर्गत कार्रवाई चालू करने हेतु सुराज्य अभियान ने केंद्रीय ग्राहक सुरक्षा प्राधिकरण से  (सीसीपीए) तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है ।

संपादकीय भूमिका 

वास्तव में ऐसी मांग करने का समय ही क्यों आता है ? इस ओर प्रशासन का ‌ध्यान क्यों नहीं है ?