जब तक हिन्दू समाज सशक्त नहीं होगा, दुनिया में कोई भी उनकी देखभाल नहीं करेगा !

प.पू . सरसंघचालक डॉ. मोहनजी भागवत का स्पष्टीकरण

प.पू . सरसंघचालक डॉ. मोहनजी भागवत

नई दिल्ली – भारत की एकता ही हिंदुओं की सुरक्षा की एकमात्र समाधान है । हिंदू समाज और भारत गहराई से जुड़े हुए हैं । जब तक हिंदू समाज स्वयं मजबूत नहीं होगा , दुनिया में कोई भी उनकी देखभाल नहीं करेगा । जब हिंदू सशक्त होंगे तो भारत भी गौरव प्राप्त करेगा ऐसा विधान सरसंघचालक डॉ. मोहनजी भागवत ने किया । वह संघ से संबद्ध पत्रिका ‘द ऑर्गनाइजर’ को दिए साक्षात्कार में बोल रहे थे।

सरसंघचालक ने आगे कहा,

१. बांग्लादेश में हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचारों के विरुद्ध लोगों में जो आक्रोश है, वह आश्चर्यजनक है । अब वहां के हिंदू स्वय कह रहे हैं कि हम भागेंगे नहीं , अपने अधिकारों के लिए लड़ेंगे ।

२. हिन्दू समाज की आंतरिक शक्ति बढ़ रही है तथा संगठन के विस्तार के साथ यह शक्ति और अधिक व्यापक रूप लेगी । हमें तब तक लड़ाई जारी रखनी होगी, जब तक यह लक्ष्य पूरी तरह प्राप्त नहीं हो जाता।

३. सनातन धर्म के वास्तविक सार को संरक्षित करने के लिए समाज के सभी लोगों को जाति और पंथ के भेदभाव से ऊपर उठना होगा । ये मूल्य देश के केंद्रस्थान में हैं । दुनिया में बुरी ताकतों से लड़ने के लिए आंतरिक संवाद, शक्ति और एकता की भी आवश्यकता है ।

४. हिंदू समुदाय को एकजुट करके , भारत को गौरव के शिखर पर ले जाना और अंततः इस परिवर्तन को पूरे विश्व में प्रसारित करना ; इसकी कल्पना डॉ . हेडगेवार ने १९२० में ही की थी ।

५. कांग्रेस यह घोषित करे कि पूर्ण स्वतंत्रता या पूर्ण स्वशासन अपना लक्ष्य होना चाहिए और स्वतंत्र भारत को अन्य देशों को पूंजीवादी गुलामी से मुक्त कराने में मदद करनी चाहिए , ऐसा आवाहन सरसंघचालक ने इस समय किया ।