अमेरिका के पूर्व रक्षा अधिकारी माइकल रुबिन की मांग

नई दिल्ली – अमेरिका ने भले ही ‘लश्कर-ए-तैयबा’ को ‘आतंकवादी संगठन’ घोषित किया है; लेकिन उसने अब तक पाकिस्तान को ‘आतंकवाद को फंड देने वाला देश’ घोषित नहीं किया है । अब समय आ गया है कि ‘ऑक्टोपस’ के हाथों की जगह उसके सिर पर चोट की जाए । अमेरिका को भारत का एकमत से समर्थन करना चाहिए और पाकिस्तान को ‘आतंकवाद का केंद्र’ घोषित करना चाहिए — यह मांग अमेरिका के रक्षा मंत्रालय ‘पेंटागन’ के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी माइकल रुबिन ने भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का समर्थन करते हुए की है ।
रुबिन ने आगे कहा:
१. पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर के यह कहने के बाद कि ‘पाकिस्तान में हिन्दू तथा मुसलमान साथ नहीं रह सकते’, यह संघर्ष शुरू हुआ । लेकिन भारत में हिन्दू तथा मुसलमान दोनों साथ रहते हैं । पाकिस्तान में ऐसा नहीं हो रहा, क्योंकि वहां अल्पसंख्यकों को योजनाबद्ध तरीके से देश से बाहर निकाला जा रहा है ।
२. जब पाकिस्तान आर्थिक अथवा सामाजिक स्तर पर असफल होता है, तब वह भारत के विरुद्ध आक्रामकता अपनाकर लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश करता है । यह एक असफल राष्ट्र की पहचान है ।
३. पाकिस्तान अब बुरी तरह उलझ चुका है तथा अब वह स्वयं को बचाने का प्रयास कर रहा है । ‘जो दूसरों के लिए गड्ढा खोदता है, वह एक दिन खुद उसमें स्वयं गिरता है’ — यह बात असीम मुनीर को समझनी चाहिए एवं दूसरों के लिए गड्ढा खोदना बंद करना चाहिए ।
संपादकीय भूमिकालेकिन यह भी उतना ही सत्य है कि पाकिस्तान को शस्त्र निर्यात कर पैसे कमाने वाला धूर्त अमेरिका ऐसा कभी नहीं करेगा ! |
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