Sharad Pawar : (और इनकी सुनिये) ‘इससे पहले भी आतंकवादी हमले हुए हैं; लेकिन धर्म की चर्चा अब क्यों हो रही है ?’ – शरद पवार, राष्ट्रवादी कांग्रेस शरदचंद्र पवार गुट

राष्ट्रवादी कांग्रेस शरदचंद्र पवार गुट के शरद पवार का प्रश्न

मुंबई – इससे पहले भी आतंकवादियों ने हमले किए थे । पुलवामा में भी आतंकवादी हमला हुआ था । तब धर्म की चर्चा नहीं हुई । आज ही क्यों हो रही है ? जो कुछ भी हुआ, वह गलत है । इसका मजबूती से सामना करना पडेगा । लेकिन उस बहाने से धार्मिक विघटन फैलाने का काम नहीं होना चाहिए, ऐसा बयान राष्ट्रवादी कांग्रेस शरदचंद्र पवार गुट के शरद पवार ने दिया । ‘पहलगाम का हमला क्या धर्मविरोधी युद्ध लगता है ?’ ऐसा प्रश्न उनसे पूछा गया था, जिस पर वे बोल रहे थे ।

संपादकीय भूमिका

  • धर्म की चर्चा आज नहीं, अपितु पिछले कई दशकों से धर्मनिरपेक्ष भारत में चलती आ रही है । क्या शरद पवार को यह बात ज्ञात नहीं है, या फिर वे जानबूझकर धर्म के विषय से बचने की कोशिश कर रहे हैं ?
  • ‘भगवा आतंकवाद’ की संकल्पना को शरद पवार और उनके गुट ने बडे पैमाने पर प्रचारित कर हिन्दुओं का अपमान किया था । उस समय पवार ने ऐसे प्रश्न क्यों नहीं उठाए 
  • ‘आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता; लेकिन हर आतंकवादी मुसलमान होता है’, यह कई घटनाओं से बार-बार सिद्ध हुआ है । इस पर शरद पवार क्यों नहीं बोलते ?