प्रत्येक सांसद को अब १ लाख २४ सहस्र (हजार) रुपए वेतन मिलेगा ।
नई दिल्ली – देश की संसद अर्थात लोकसभा और राज्यसभा के वर्तमान और पूर्व सांसदों के वेतन और निवृत्ति वेतन (पेंशन) में २४ प्रतिशत की वृद्धि की गई है । इस संबंध में सरकार द्वारा अधिसूचना जारी कर दी गई है । इससे इन सदस्यों को १ लाख के स्थान पर १ लाख २४ सहस्र रुपये प्रति माह वेतन मिलेगा । प्रतिदिन भत्ता भी २५०० रुपये भी प्रदान किये जायेंगे । पूर्व सांसदों की पेंशन २५,००० रुपये से बढाकर ३१,००० रुपये प्रति माह कर दी गई है । (एक सामान्य व्यक्ति को ३० से ३५ वर्षों तक सरकार में सेवा करने के बाद इतनी पेंशन मिलती है, तो केवल ५ वर्षों तक सांसद रहनेवालों को इतनी पेंशन क्यों मिलती है ? – संपादक) इससे पहले अप्रैल २०१८ में सांसदों के वेतन और भत्ते में वृद्धि की गई थी ।
💰 24% Salary Hike for MPs Based on Inflation Index! 💰
📢 Each MP will now receive ₹1.24 lakh as salary! Meanwhile, the Karnataka Govt has approved a 100% salary hike for MLAs, citing rising expenses! 🤯
❓ But what about accountability? MPs and MLAs get salaries and hikes,… pic.twitter.com/HzSvSlTnGV
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) March 25, 2025
वर्तमान सांसदों को निर्वाचन क्षेत्र व्यय के लिए प्रति माह ७०,००० रुपये, कार्यालय भत्ते के रूप में ६०,००० रुपये और संसद सत्र के दौरान दैनिक भत्ते के रूप में २,००० रुपये का भुगतान किया जाता है । इस भत्ते में भी वृद्धि की जाएगी । सांसदों को दिल्ली में सरकारी आवास दिया जाता है । इसमें उन्हें ५०,००० यूनिट बिजली और ४.००० लीटर पानी निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है । (क्या पानी और बिजली का अनावश्यक उपयोग हो रहा है ? क्या इस पर दृष्टि रखी जाती है ? – संपादक)
संपादकीय भूमिकाअब यह नियम बनाना आवश्यक हो गया है कि सांसदों के वेतन से पैसे काटे जाएं, जिसमें वे संसद में कितने दिन उपस्थित रहते हैं, काम में उनकी कितनी भागीदारी होती है, तथा वे किस सीमा तक अनुशासनहीन व्यवहार करते हैं, इन सब बातों को ध्यान में रखा जाए, तथा उसी अनुपात में कटौती की जाए जिस अनुपात में उनका वेतन दिया जाता है और पश्चात बढाया जाता है; क्योंकि जनता देखती है कि वे सार्वजनिक करों से वेतन के रूप में प्राप्त धन का उपयोग नहीं कर रहे हैं ! |