लखनऊ (उत्तर प्रदेश) – उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में वर्तमान में चल रहे रमजान के दौरान मस्जिदों से बिना लाउडस्पीकर के अजान दी जा रही है । योगी आदित्यनाथ सरकार ने धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर को लेकर एक नीति लागू की है । इस नीति के अनुसार, तय सीमा से अधिक आवाज करने वाले लाउडस्पीकरों पर कार्रवाई की जा रही है । ऐसे में संभल, बरेली, मुरादाबाद और अन्य जिलों में मस्जिदों से लाउडस्पीकर पर अजान देना बंद हो गया है । कई मस्जिदों के लाउडस्पीकर पुलिस द्वारा हटाए गए हैं । अब मस्जिदों की छतों से मौलवी स्वयं आवाज देकर अजान दे रहे हैं ।
१. ए.आई.एम.आई.एम. (ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन) ने जिलाधिकारी को पत्र लिखा है, जिसमें शाम को इफ्तार के समय केवल २ मिनट के लिए लाउडस्पीकर से घोषणा करने की अनुमति देने की मांग की गई है ।
२. मस्जिद के मौलवी का कहना है कि अगर लाउडस्पीकर की अनुमति नहीं मिली, तो रमजान के समय सेहरी के लिए लोगों को जगाने के लिए झांझ बजाकर आवाहन किया जाएगा ।
३. संभल के पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि मुसलमानों को सरकार के निर्देशों का पालन करना चाहिए और रमजान के दौरान सेहरी और इफ्तार का आयोजन करना चाहिए ।
संपादकीय भूमिकाअगर उत्तर प्रदेश में यह संभव है, तो पूरे देश में ऐसा क्यों नहीं हो सकता ? देश में केंद्र और १८ राज्यों में भाजपा की सरकार होते हुए यह कठिन नहीं है, ऐसा हिन्दुओं को लगता है ! |