- लगभग ४ लाख ५० सहस्र लडकियां बलपूर्वक देहबिक्री के व्यवसाय में आती हैं । उनमें से १ लाख २० सहस्र लडकियां महाराष्ट्र की हैं । लगभग ७० सहस्र लडकियों को मुंबई की वेश्याबस्ती में रहना पडता है ।
- लडकियों को जन्म लेने का अधिकार नकारा जाता है । पोषक आहार, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे सभी अधिकार लडकियों को नहीं दिए जाते । अनेक लडकियों का बचपन का अधिकार भी छीन लिया जाता है ।
- महिलाओं पर पुत्र को जन्म देने का दबाव डाला जाता है । ‘बच्चे कितने तथा कब हों’, यह सुनिश्चित करने का अधिकार भी उन्हें नहीं दिया जाता ।
- लडकियों को बचपन से ही संस्कार न दिए जाने के कारण उनमें आत्मविश्वास ही उत्पन्न नहीं होता ।
(संदर्भ : ‘युनिसेफ’)
महिलाओ, इन प्रश्नों के उत्तर दो !
- स्त्रियो, आप शिक्षित हैं; परंतु क्या आप स्वयं की रक्षा कर सकती हैं ?
- आप सक्षम गृहिणी अथवा अन्नपूर्णा भी होंगी; परंतु क्या आपको धर्म, संस्कृति तथा उनसे संबंधित शास्त्र की जानकारी है ?
- आप सभी क्षेत्रों में कार्य कर रही हैं; परंतु क्या आप राष्ट्रनिष्ठ अथवा धर्मनिष्ठ हैं ?
- स्त्रियो, आप बाहर से स्वयं को सौंदर्यवान मानती हैं; परंतु अंतरंग की सुंदरता किसमें है, क्या यह आपको ज्ञात है ?
- ‘जीरो फिगर’ के लिए आप प्रतिदिन प्रयास कर रही हैं; परंतु किसी ने आपको वासनांध दृष्टि से देखा अथवा किसी ने आपको अश्लीलतापूर्ण स्पर्श किया, तो क्या उसे पाठ पढाने का सामर्थ्य आपकी नाजुक कलाईयों में है ?

सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम !
संपादकीय : आर्थिक अनुशासन
हिन्दू जनजागृति समिति के हिन्दू राष्ट्र संपर्क अभियान अंतर्गत राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी की मध्य प्रदेश यात्रा !
ज्ञानमूर्ति, निर्गुण तत्त्व की नित्य अनुभूति देनेवाले एवं ब्रह्मानंद में निमग्न रहनेवाले सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी
सच्चिदानंद परब्रह्म गुरुदेवजी द्वारा ३० वर्ष पूर्व दिए गए आशीर्वचन को साधक क्षण-क्षण अनुभव कर रहे हैं !
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी एकमेवाद्वितीय एवं अवतारी पुरुष क्यों हैं ?