
प्रयागराज (उत्तरप्रदेश), ९ फरवरी (वार्ता.) – प्रयागराज की भूमि भारद्वाज ऋषि की भूमि है । साक्षात् गंगामाता यहां बहती हैं । वास्तव में इस भूमि पर महाकुंभ के समय ‘यह भूमि वक्फ बोर्ड की है’, ऐसा कहनेवालों को इस देश के बाहर निकाल देना चाहिए । महाकुंभ में सम्मिलित होनेवालेे सभी श्रद्धालु ऐसे लोगों को कभी क्षमा नहीं करेंगे । ऐसे वक्तव्य करनेवालेे लोगों पर कडी कार्यवाही कर वक्फ बोर्ड निरस्त करना चाहिए’, ऐसी स्पष्ट भूमिका श्री पंच निर्वाणी अग्नि अखाडे के व्यवस्थापक श्रीमहंत डॉ. महेश दास द्वारा प्रस्तुत की गई ।

हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी तथा महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ राज्य संगठक श्री. सुनील घनवट ने उनसे भेंट की ।

पंजाब के श्री शंभु अग्नि अखाडे के सचिव महामंडलेश्वर संपूर्णानंद महाराजजी तथा श्री पंचायति निर्मल अखाडे के पीठाधीश्वर पू. ज्ञानदेव सिंह महाराजजी से भेंट कर उनका भी सम्मान किया ।

श्रीमहंत डॉ. महेश दासजी ने आगे कहा कि हिन्दू राष्ट्र के लिए सभी अखाडे कृतिशील हैं । हिन्दू राष्ट्र होना ही चाहिए । सनातन धर्म के लिए यह मांग करना आवश्यक है । आज मंदिरों का सरकारीकरण हाे गया है । मस्जिदों एवं चर्चों का सरकारीकरण क्यों नहीं किया गया ? सरकार से हमारी मांग है कि मंदिरों कोे उनके व्यवस्थापक तथा न्यासियों को सौंपना चाहिए । यदि इसमें किसी का हस्तक्षेप हुआ, तो इस विषय में निश्चित रूप से हम संघर्ष करेंगे !
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