Budget 2025 : १२ लाख रुपए तक की आय करमुक्त

  • केंद्रीय अर्थसंकल्प

  • केंद्र सरकार द्वारा माघी गणेश जयंती के अवसर पर मध्यमवर्गियों को दिलासा !

नई देहली – केंद्रीय अर्थमंत्री निर्मला सीतारामन् ने १ फरवरी को सुबह ११ बजे आर्थिक वर्ष २०२५-२६ का अर्थसंकल्प प्रस्तुत किया । इस बजट में आयकर में पालट किया गया है तथा १२ लाख रुपए तक की आय को करमुक्त किया गया है । इस निर्णय से सीधे कर द्वारा आनेवाली आमदनी पर १ लाख करोड जबकि अप्रत्यक्ष कर द्वारा आनेवाली आमदनी पर २ सहस्र ६०० करोड रुपयों का भार पडेगा । इस अवसर पर अर्थमंत्री निर्मला सीतारामन् ने जानकारी देते हुए कहा कि अगले सप्ताह के अर्थसंकल्पीय अधिवेशन में नई कर रचना विधेयक प्रस्तुत किया जाएगा ।

अर्थमंत्री निर्मला सीतारामन् द्वारा प्रस्तुत अर्थसंकल्प में सीमा शुल्क में अत्यधिक परिवर्तन किए गए हैं । इसका लाभ औषधि एवं औद्योगिक वस्तुओं से लेकर अनेक क्षेत्रों को होगा । इस अर्थसंकल्प में १० क्षेत्रों पर विशेष बल दिया गया । इसमें कृषि, उत्पाद, रोजगार, सूक्ष्म, मध्यम तथा लघु उद्योग तथा ग्रामीण क्षेत्रों का विकास एवं संशोधन आदि क्षेत्र सम्मिलित है ।

वर्ष २०२५-२६ के लिए बजट के सुधारित अनुमान

  • कुल मिलाकर आय :  ३४ लाख ९६ सहस्र करोड
  • कर उत्पन्न : २८ लाख ८७ सहस्र करोड
  • कुल मिला कर व्यय का अंदाज : ४७ लाख १६ सहस्र करोड
  • वित्तीय घाटे का अनुमान : सकल राष्ट्रीय उत्पन्न का (जीडीपी के) ४.४ प्रतिशत

नई करप्रणाली के अनुसार कैसा होगा कर ?

आय (रूपयों में) कर
० ते ४ लाख शून्य
४ ते ८ लाख ५ प्रतिशत
८ ते १२ लाख १० प्रतिशत
१२ ते १६ लाख १५ प्रतिशत
१६ ते २० लाख २० प्रतिशत
२० ते २४ लाख २५ प्रतिशत
२४ लाख से अधिक ३० प्रतिशत

इसके अनुसार १२ लाख तक की आय रहनेवाले व्यक्ति को आयकर नहीं भरना पडेगा । १५ प्रतिशत जो कर यहां दिखाया गया है, वह प्रत्यक्ष रूप से लिया नहीं जाएगा; परंतु १२ लाख रुपयों से अधिक आय रहनेवाले सभी लोगों को पूरा कर भरना होगा । वेतन के रूप में जिसकी आय १२ लाख ७५ सहस्र रुपए तक है, उन्हें यह छूट मिलेगी ।

अर्थसंकल्प के महत्वपूर्ण/स्पष्ट सूत्र

  • ज्येष्ठ नागरिकों के लिए टी.डी.एस्. की सीमा ५० सहस्र रुपए से १ लाख रुपए तक बढाई गई ।
  • सभी सरकारी पाठशाला तथा प्राथमिक आरोग्य केंद्रों में ब्रॉडबैंड की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी ।
  • अगले वर्ष में चिकित्सक वैद्यकीय महाविद्यालयों में १० सहस्र स्थान बढाएंगे जबकि अगले ५ वर्षां में ७५ सहस्र स्थान बढाएंगे
  • ‘मेड इन इंडिया’ नाम से पूरे विश्व में टिकाऊ खेलों के उत्पाद में भारत का नाम प्रसाद करने हेतु कार्य किया जाएगा ।
  • पूरे देश में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफीशियल इंटेलिजेन्स) केंद्र स्थापित करने हेतु ५०० करोड रुपयों का प्रावधान
  • आगामी ३ वर्षों में देश के सभी जिलों में ‘कैन्सर डे केयर सेंटर’ निर्माण किए जाएंगे । अगले आर्थिक वर्ष में ही ऐसे २०० केंद्रों का निमाण कार्य किया जाएगा ।
  • बिहार राज्य के लिए राष्ट्रीय अन्न तंत्रज्ञान संस्था स्थापित करने की घोषणा की । राज्य में आइआइटी का विस्तार होगा । ३ नए हवाई अड्डों का निमाण कार्य किया जाएगा ।
  • प्रथम बार ही उद्योजक बननेवाली महिलाओं को २ करोड रुपयों का मुद्दत ॠण मिलेगा
  • राज्यों के सहयोग से ५० पर्यटन स्थल विकसित करेंगें

किसानों के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं

  • किसान क्रेडिट कार्ड मर्यादा ३ लाख रुपए से ५ लाख रुपए
  • प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का देश में १०० जिलों को लाभ मिलेगा
  •  दुग्धव्यवसाय तथा मत्स्यपालन के लिए ५ लाख रुपयों तक ॠण

क्या सस्ता होगा ?

  • इलेक्ट्रिक वाहन तथा भ्रमणभाष की लीथियम आयन बैटरियां
  • भ्रमणभाष संच
  • ई-कार
  • एलईडी टीवी
  • कपडे की वस्तुएंंटीवी के देशांतर्गत उत्पादित होनेवाले पार्ट्स
  • कर्करोग तथा ऐसे अन्य बीमारियों पर उपचार करने हेतु प्रयुक्त की जानेवाली कुल ३६ जीवनावश्यक औषधियां
  • अन्य ६ जीवनावश्यक औषधियां
  • चमडे की वस्तुएंं

महाकुंभ में लाेगों के रौंदे जाने की घटना को लेकर विपक्षियों द्वारा घोषणाएं

अर्थमंत्री निर्मला सीतारामन् द्वारा लोकसभा में अर्थसंकल्प प्रस्तुत करते समय विपक्षियों के सदस्यों ने प्रयागराज के महाकुंभमेले में हुई राैंदने की घटना के विषय में चर्चा करने की मांग की । यह मांग अस्वीकार की गई, तो विरोधियों ने सभात्याग किया । इस रौंदने की घटना में ३० लोगाें की मृत्यु हुई, जबकि ६० लाेग घायल हुए हैं ।

१४० करोड भारतियों का सपना पूर्ण करनेवाला बजट ! – प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

आज संसद में प्रस्तुत किया गया अर्थसंकल्प १४० करोड भारतियों का सपना पूर्ण करनेवाला बजट है । विकसित भारत के ध्येय को साधारण नागरिक ही आगे ले जाने का कार्य कर सकते हैं । इस बजट से सर्वसाधारण लोगों की बचत में निश्चित रूप से वृद्धि होगी ।

इस बजट से देश का विकास शीघ्र गति से बढेगा, जिससे विकसित भारत के ध्येय को अधिक प्रेरणा मिलेगी । आत्मनिर्भर भारत उपक्रम को प्रेरणा मिलने के लिए निश्चित ही इसका लाभ होगा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐसा कहा ।