स्वस्थ जीवन हेतु व्यायाम
इस लेखमाला से हम व्यायाम का महत्त्व, व्यायाम संबंधी शंकाओं का समाधान, ‘एर्गाेनॉमिक्स’ (ergonomics) का सिद्धांत तथा बीमारी के अनुसार उचित व्यायाम, इन बातों की जानकारी देंगे । प्रस्तुत लेख में हम अच्छी नींद आने हेतु आवश्यक व्यायाम के प्रकारों के विषय में जानकारी देखेंगे ।
१. व्यायाम की अवधि में शरीर के तापमान में वृद्धि होने से वह नींद आने के लिए प्रतिकूल होना
‘अच्छी नींद आने के लिए उचित दिनचर्या का होना तथा उसमें नियमितता होना बहुत महत्त्वपूर्ण है । ‘इस दिनचर्या में कब व्यायाम करने से नींद पर अच्छा परिणाम होता है ?’, यह प्रत्येक व्यक्ति की प्रकृति के अनुसार भिन्न-भिन्न हो सकता है । सामान्यतः सवेरे अथवा दोपहर के व्यायाम आदर्श सिद्ध होते हैं । व्यायाम की अवधि में हृदय की धडकनें बढकर शरीर का तापमान भी बढता है । ये दोनों बातें (हृदय की धडकनें तथा शरीर के तापमान बढना) नींद आने के लिए प्रतिकूल हैं ।

२. कौनसे व्यायाम करने चाहिए ?
नींद से संबंधित कष्ट अल्प करने हेतु पैदल चलना, दौडना तथा साइकिल चलाने जैसे ‘एरोबिक’ (व्यायाम की इन पद्धतियों में अधिक मात्रा में प्राणवायु (ऑक्सीजन) का उपयोग किया जाता है । इसमें मनुष्य का हृदय तथा फेफडे अधिक मात्रा में कार्य करते हैं ।) व्यायाम एवं भारी बोझ उठाना अथवा शरीर पर बल देनेवाले प्रतिकार-व्यायाम, (resistance exercises), ये दो पद्धतियां अधिक प्रभावशाली सिद्ध होती हैं ।
२ अ. ‘एरोबिक’ व्यायाम का परिणाम : पैदल चलना, दौडना, साइकिल चलाने जैसे व्यायाम का समावेश ‘एरोबिक’ व्यायाम में होता है । ये व्यायाम करने से नींद की कुल गुणवत्ता में सुधार होकर नींद आने में सहायता मिलती है ।
२ आ. प्रतिकार-व्यायाम का (resistance exercises) परिणाम : इन व्यायामों में, थोडासा परिश्रम होगा, इतने भारी बोझ उठाना अथवा वर्तमान में बाजार में मिलनेवाला ‘रबर’ खींचना’ आदि व्यायामों का समावेश होता है । प्रतिकार-व्यायाम अनिद्रा के लिए अधिक प्रभावशाली सिद्ध होता है ।
३. व्यायाम कितने समय तक करें (Dosage)?
नींद से संबंधित लाभ प्राप्त करने हेतु सप्ताह में न्यूनतम १५० मिनट मध्यम तीव्रतावाले व्यायाम करना आवश्यक है । ‘यह व्यायाम करने के पश्चात हमें कितना परिवर्तन प्रतीत होता है ?’, इसकी ओर ध्यान देकर व्यायाम की मात्रा तथा पद्धतियों में परिवर्तन लाना आवश्यक होता है । अतः ऐसे व्यायामों का आरंभ करते समय उन्हें चिकित्सकीय मार्गदर्शन के अनुसार करें ।
४. अच्छी नींद लगने हेतु अन्य उपयुक्त सूत्र
अ. नींद पर प्रतिकूल परिणाम करनेवाली आदतें टालना, उदा. नींद से पूर्व स्क्रीन (चल-दूरभाष, संगणक इत्यादि) का उपयोग करना, देर रात तक काम करते रहना, दोपहर में लंबे समय तक सोए रहना इत्यादि टालें ।
आ. नींद से न्यूनतम २ घंटे पूर्व भोजन करें ।
इ. रात को लगभग १२ बजे, चाहे हम गहरी नींद में हों, तब भी शरीर की सर्व क्रियाएं सुचारु रूप से संचालित रहने में सहायता मिलती है । उसके लिए हम रात के न्यूनतम १०.३० बजे तक सो गए, तभी यह साध्य हो सकता है । अतः यदि यह संभव हो, तो उसके अनुसार करें ।
५. निरंतर हलचल अच्छी नींद की आदत को गति प्रदान करनेवाली कृति !
व्यायाम के कारण नींद की गुणवत्ता में आनेवाला सुधार प्राकृतिक तथा औषधि रहित पद्धति है, जो संपूर्ण स्वास्थ्य लाभ हेतु उपयुक्त सिद्ध होती है । आप पैदल चलना, दौडना, साइकिल चलाना अथवा योगाभ्यासल इनमें से कुछ भी चुनिए । निरंतर हलचल अच्छी नींद की आदत को गति प्रदान करती है । संभवतः वैद्य के मार्गदर्शन में व्यायामों का चयन करें ।’
– श्री. निमिष म्हात्रे, भौतिकोपचार तज्ञ (फिजियोथेरपिस्ट), फोंडा, गोवा. (२९.११.२०२४)

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