|
नवी मुंबई – तळवली नोसिल नाका परिसर में मामूली बात पर कट्टरपंथियों और अन्य युवकों ने एक हिन्दू लड़की पर जानलेवा आक्रमण कर दिया था । इस मामले में रबाळे पुलिस ने उनके विरुद्ध मामला प्रविष्ट करने से मना कर दिया । यद्यपि, बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने पीछा किया और पुलिस को मामला प्रविष्ट करने के लिए बाध्य किया ।
बजरंग दल के जिला संयोजक तेजस पाटिल ने कहा, ” ७ नवंबर को एक हिन्दू लड़की ने तळवली नोसिल नाका परिसर की सड़क पर मौज-मस्ती कर रहे युवकों को रोका था । उसी समय युवकों का उसके भाई से विवाद हो गया । यह बात हाथापाई में बदल गई । इसमें लड़की पर कट्टरपंथियों और अन्य युवकों ने जानलेवा हमला किया था । इस घटना के बाद लड़की ने अपने भाई के साथ पुलिस में आपत्ति प्रविष्ट कराई ; लेकिन १५ दिन बाद भी संबंधित युवकों के विरुद्ध कोई मामला प्रविष्ट नहीं किया गया था इसे समझते हुए, बजरंग दल के हमारे कार्यकर्ताओं ने रबाळे पुलिस को मामला प्रविष्ट करने के लिए बाध्य किया। रात १०.३० बजे से सुबह ४ बजे तक अपराध प्रविष्ट करने की प्रक्रिया चलती रही । मामला प्रविष्ट कराने के बाद ही हम थाने से बाहर आये ।”
नशे के सौदागरों की जडोंपर चोट करने की मांग !
इस क्षेत्र में कुछ जिहादी युवकों द्वारा मादक पदार्थ बेचा जाता है। इस पदार्थ का सेवन के लिए कुछ युवक बाहर से आए थे । उनके द्वारा भी पिटाई की गयी थी । पाटिल ने यह भी मांग की है कि नशे की लत में फंसी युवा पीढ़ी को बचाने के लिए पुलिस को नशे के सौदागरों की जड़ों को नष्ट करना चाहिए ।
संपादकीय भूमिकाध्यान दें कि पुलिस, जो हिन्दुओं के विरुद्ध अपराध तुरंत प्रविष्ट करती है, कट्टर मुसलमानों के विरुद्ध अपराध प्रविष्ट करने में विफल रहती है ! यह हिन्दुओं में सद्भाव और अतिसहिष्णुता के गुणों का परिणाम है, यह सत्य है ! |

Operation Tiger : उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट के ९ में से ६ सांसद अलग हुए; शिवसेना में शामिल होने की संभावना !
(और इनकि सुनिए) “भाजपा द्वारा फैलाए गए जहर के कारण देश का बहुसंख्यक समाज विषैला हो गया है !” – Samajwadi Party MP Javed Ali
अब डॉक्टर की पर्ची के बिना कोई भी सिरप नहीं मिलेगा !
IAF Officer Wife Rape : वायुसेना के अधिकारी की पत्नी के साथ दुष्कर्म, २ आरोपियों को ५ दिन की पुलिस की निगरानी ( हिरासत )
अश्लीलता को बढानेवाले ‘स्टैंडअप कॉमेडी’ कार्यक्रमों के लिए सेंसर बोर्ड की पूर्वानुमति लेना अनिवार्य बनाएं ।
मधुबनी (बिहार) की मस्जिद से मौलाना इजहार को बंदी बनाया गया ।