
नई देहली – भारत और चीन के बीच प्रत्यक्ष नियंत्रण रेखा पर समझौता हो गया है। भारत और चीन गश्त फिर से शुरू करने पर सहमत हो गए हैं। २२ और २३ अक्टूबर को रूस में होने वाले १६ वें ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, दक्षिण अफ्रीका, भारत और चीन) शिखर सम्मेलन के लिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की रूस यात्रा से पहले इस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग शामिल होंगे ।
१. भारतीय विदेश मंत्रालय के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा कि पिछले कई हफ्तों में हुई चर्चा के परिणामस्वरूप भारत-चीन सीमा पर प्रत्यक्ष नियंत्रण रेखा पर गश्त प्रणाली पर सहमति बनी है।
२. वर्ष २०२० में इन क्षेत्रों में जो समस्या हुई थी उनका समाधान किया जा रहा है। समझौते के अनुसार , दोनों देशों की सेनाएं डेपसांग और डेमचोक में अपनी पुरानी जगहों पर लौट आएंगी । इसके साथ ही ‘बफर जोन’ (दोनों देशों की सीमाओं के बीच का परिसर ) में गश्त का रास्ता भी साफ हो गया है ।
३. भारत और चीन के बीच २०२० से सीमा विवाद चल रहा है । चीन द्वारा सीमा पर हालात बदलने के बाद दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव पैदा हो गया था । गलवान में चीनी और भारतीय सैनिकों के बीच झड़प हुई । इसके बाद दोनों देशों की ओर से प्रत्यक्ष नियंत्रण रेखा पर सैनिकों की तैनाती बढ़ा दी गई ।
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