
वाराणसी (उत्तर प्रदेश) – यहां के मंदिरों से साईं बाबा की मूर्तियां हटाने वाले सनातन रक्षक दल के क्षेत्रीय अध्यक्ष अजय शर्मा को पुलिस ने बंदी बना लिया है। उनके विरुद्ध प्रकरण प्रविष्ट कर लिया गया है।
१. पुलिस उपायुक्त गौरव बंसवाल ने बताया कि सनातन रक्षा दल के क्षेत्रीय अध्यक्ष अजय शर्मा को शांति भंग करने के आरोप में बंदी बनाया गया है। आनंदमाई मंदिर के पुजारी द्वारा अजय शर्मा के विरुद्ध आरोप प्रविष्ट कराये जाने के उपरांत पुलिस ने धार्मिक परंपराओं, धार्मिक स्थलों या प्रतीकों का अपमान करने, शांति भंग करने के आरोप में प्रकरण प्रविष्ट कर उन्हें बंदी बना लिया। साईं मंदिर प्रबंधन ने पुलिस आयुक्त से भेंट की, उस समय काशी के सभी ७२ मंदिरों को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की गयी थी।
२. सनातन रक्षक दल ने १ अक्टूबर को वाराणसी के १४ मंदिरों से साईं बाबा की मूर्तियां हटा दीं। संगठन ने कहा था कि ६० और मंदिरों से साईं बाबा की मूर्तियां हटाई जाएंगी। लक्ष्मणपुरी में भी अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने मंदिरों से साईं बाबा की मूर्तियां हटाने की मांग की है।
३. इन घटनाओं के उपरांत महाराष्ट्र स्थित शिरडी साईं ट्रस्ट ने ऐसी घटनाओं पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। शिरडी साईं ट्रस्ट का कहना है कि हमने महाराष्ट्र सरकार से चर्चा की है और उत्तर प्रदेश सरकार से इस प्रकरण पर चर्चा करने को कहा है। साईं बाबा की मूर्ति हटाने पर तत्काल रोक लगाई जाए। इस तरह की गतिविधियां साईं भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंचा रही हैं।’
महाराष्ट्र चुनाव को देखते हुए क्या यह कोई षड्यंत्र तो नहीं है? – स्वामी जितेन्द्रानन्द सरस्वती
मंदिर में साईं बाबा की मूर्तियां ४ से १० वर्ष पूर्व स्थापित की गई थीं। क्या जिन लोगों ने मूर्तियों को हटाने का काम किया। उन्हें क्या यह तथ्य विदित नहीं थे ? या आज मूर्तियां इसलिए हटाई जा रही हैं क्योंकि आस्था अविश्वास में बदल गई है? अखिल भारतीय संत समिति के महासचिव स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती ने वाराणसी में अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव होने वाला है, कहीं यह कोई षड्यंत्र तो नहीं है।
(और इनकी सुनिए…) ‘श्रीकृष्ण मुसलमान थे तथा ५ समय की नमाज पढते थे !’ – Maulana Jarjis Ansari
Puri Rath Yatra : पुरी में विश्वविख्यात भगवान जगन्नाथ रथयात्रा का शुभारंभ !
Dabur : ‘डाबर’ प्रतिष्ठान के पैकेटबंद मौसमी जूस में काला फफूंद मिला ।
Karnataka AI University : बेंगलुरु में देश का पहला सरकारी ‘एआई’ विश्वविद्यालय प्रारम्भ किया जाएगा ।
हिन्दु विवाह अधिनियम के अनुसार विवाह को वैध ठहराने के लिए केवल विवाह प्रमाणपत्र होना पर्याप्त नहीं है ।– Gujrat High Court
जम्मू न्यायालय ने पुलिस से अभिलेख की मांग की ।