गांधीनगर (गुजरात) – कथित बलात्कार के प्रकरण में आजन्म कारावास का दंड भोग रहे संतश्री पू. आसारामजी बापू ने गुजरात उच्च न्यायालय में दंड रहित करने की मांग की है । ‘इस प्रकरण में अनेक वर्ष कारागृह में बिताने के कारण मुझे मिला दंड रहित किया जाए’, ऐसी मांग पू. बापू ने न्यायालय में की थी; परंतु इस याचिका पर विचार करने का कोई भी आधार न होने का कारण बताते हुए न्यायालय द्वारा उसे अस्वीकार कर दिया गया ।

हिन्दु विवाह अधिनियम के अनुसार विवाह को वैध ठहराने के लिए केवल विवाह प्रमाणपत्र होना पर्याप्त नहीं है ।– Gujrat High Court
जम्मू न्यायालय ने पुलिस से अभिलेख की मांग की ।
हडपसर में हिन्दुत्वनिष्ठ कार्यकर्ता की साहिल शेख एवं उसके गुंडों द्वारा नृशंसता से पिटाई !
Three Language Policy : क्या अंग्रेजी को भारत की ही स्थानीय भाषा माना जा सकता है – सर्वोच्च न्यायालय का प्रश्न
श्रीराम मंदिर को सरकार द्वारा नियुक्त अधिकारी की नहीं, रामभक्त की आवश्यकता !
हर घर योद्धा अभियान के अंतर्गत झारखंड में स्वरक्षा प्रशिक्षण शिविर उत्साहवर्धक वातावरण में प्रशस्तिपत्रक वितरण के साथ संपन्न !