
सासाराम (बिहार) – पाइलट बाबा के नाम से प्रसिद्ध महायोगी कपिल अद्वैत सामनाथ गिरी ने २० अगस्त २०२४ को देहत्याग किया । उन्हें वृक्क (किडनी) की बीमारी थी । मुंबई के धीरूभाई कोकिलाबेन चिकित्सालय में उन पर उपचार चालू थे । बाबा के देहत्याग के कारण ‘पाइलट बाबा धाम आश्रम’ में, साथ ही सासाराम के उनके भक्तगण में शोक छा गया है । इससे पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी एवं मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने बाबा से मिलकर उनके आशीर्वाद लिए है ।
पाइलट बाबा भूमि के नीचे समाधि लगाते थें !
पाइलट बाबा का जन्म वर्ष १९३८ में बिहार राज्य के रोहतास जिले के बिशनपुरा गांव में हुआ था । वे योगविद्या में निपुण थे । वे दीर्घ काल तक समाधिस्त अथवा मृत्यु जैसी भौतिक अवस्था में रहते थे । वे इस कारण प्रसिद्ध थे । वे सदैव भूमि के नीचे ही समाधि लगाते थे ।
महायोगी पाइलट बाबा के भारत के साथ ही जापान एवं यूरोप में आश्रम हैं । भारत में सासाराम, हरिद्वार, नैनिताल एवं उत्तरकाशी में उनके आश्रम हैं । बाबा ने ६ ग्रंथ लिखे हैं । इनमें ‘कैलास मानसरोवर’, ‘ज्ञान के मोती’, ‘हिमालय के रहस्य ज्ञात कर लें’, ‘अंतरयात्रा’, ‘हिमालय कहे रहा है’ एवं अन्य एक ग्रंथ समाहित हैं ।
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