मुंबई, २० जुलाई (वार्ता) – हिन्दू विधिज्ञ परिषद के अध्यक्ष वीरेंद्र इचलकरंजीकर ने महाराष्ट्र के सांस्कृतिक विधेयक एवं महाराष्ट्र पुरातत्त्व विभाग के निदेशक को राज्य के स्मारक तथा उनके बारे मे अधिकृत जानकारी प्रदान करने के लिए वर्ष २०१९ मे एक पत्र भेजा था । इस पर कार्यवाही करते हुए महाराष्ट्र पुरातत्व विभाग ने कुछ समय पूर्व ही अपनी वेबसाइट लॉन्च की है।
१. ‘सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005’ की धारा 4 के अनुसार, पुरातत्व विभाग को अपनी गतिविधियों की जानकारी वेबसाइट पर रखना आवश्यक है। सूचना का अधिकार अधिनियम 12 अक्टूबर, 2019 को महाराष्ट्र में लागू हुआ; किंतु अपनी जानकारी प्रसारित करना तो दूर, महाराष्ट्र राज्य पुरातत्व विभाग ने अपनी वेबसाइट तक लॉन्च नहीं की थी।
२. ‘सूचना का अधिकार अधिनियम 2005’ के अनुसार, सरकार से अनुदान प्राप्त करने वाले सरकारी या अर्ध-सरकारी संस्थानों से अपेक्षा की गई थी कि वे अपने कामकाज की सूचना वेबसाइट पर रखकर अपने संचालन में पारदर्शिता लाए; हालांकि, वकील वीरेंद्र इचलकरंजीकर ने महाराष्ट्र सरकार को बताया था कि महाराष्ट्र पुरातत्व विभाग ने इस पर कार्यवाही नहीं की है।
३. ‘https://www.mahaarchaeology.in/contact_us’ महाराष्ट्र पुरातत्व विभाग की वेबसाइट का लिंक है। वर्तमान में इस वेबसाइट पर केवल राज्य पुरातत्व विभाग के अधिकारियों के नाम, पदनाम और कार्यालय के पते दिये गये हैं।



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