देहली में हिन्दू जनजागृति समिति, सनातन घरवापसी फाउंडेशन एवं सनातन संवाद की ओर से ‘घरवापसी परिषद’ का आयोजन

देशव्यापी ‘घरवापसी अभियान’ चलाने हेतु २५ से अधिक संगठन एकत्र

 

घरवापसी परिषद

नई देहली – यहां हिन्दू जनजागृति समिति, सनातन घरवापसी फाउंडेशन एवं सनातन संवाद के संयुक्त आयोजन में कुछ ही दिन पूर्व ‘घरवापसी (धर्मांतरित लोगों को उनके मूल हिन्दू धर्म में वापस लेना) परिषद’ का आयोजन किया गया । इस परिषद में भारत की सांस्कृतिक धरोहर, राष्ट्रीय सुरक्षा एवं सनातन परंपराओं की रक्षा हेतु ‘घरवापसी’ अभियान को पूरे देश में पुनः पूरी शक्ति के साथ जागृत करने का संकल्प लिया गया, साथ ही उसके लिए समाज में जागरूकता लाने हेतु संगठित एवं निरंतर प्रयास करने का निश्चय भी किया गया । इस परिषद में हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ ।

इस अवसर पर ‘घरवापसी’ अभियान से संबंधित विभिन्न सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक एवं कानूनी सूत्रों पर विस्तार से चर्चा की गई । यह अभियान चलाते समय आनेवाली चुनौतियों का कैसे प्रभावी सामना करना चाहिए ?, इस पर भी विचारमंथन किया गया । इस परिषद में भारतीय हिन्दू शुद्धि सभा, आर्य समाज, आर्य समाज देहली, अग्रव्रत अभियान, धर्म जागरण, रा.स्व. संघ, कर्मयोगी परिषद, भारतीय रक्षा मंच, मैत्रेय फाउंडेशन एवं हिन्दू विधिज्ञ परिषद के पदाधिकारियों सहित पूरे देश से आए २५ से अधिक संगठनों के प्रतिनिधि, अधिवक्ता, उद्यमी तथा ‘घरवापसी’ अभियान से संबंधित कार्यकर्ता बडी संख्या में उपस्थित थे ।

सरकारी उदासीनता ही हिन्दुओं के धर्मांतरण का कारण ! – सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळे

सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी

हिन्दुओं को धर्मशिक्षा से वंचित रखा गया । इसलिए उपासना कर दैवीय शक्ति जागृत होना बंद हुआ तथा हिन्दू धर्मांतरित होने लगे । इसके साथ ही सरकारी व्यवस्था के कुछ नियम एवं प्रावधान, धर्मांतरण के लिए विदेश से बडी मात्रा में मिलनेवाली आर्थिक सहायता तथा ‘घरवापसी’ के लिए प्रयास करनेवालों को मिलनेवाले अल्प प्रोत्साहन के कारण भारत में हिन्दुओं का धर्मांतरण बढा ।

परिषद में मार्गदर्शन सुनते कार्यकर्ता
इस अवसर पर पूरे देश में कार्यरत ‘घरवापसी’ संगठनों में समन्वय, संवाद एवं सहयोग को और शक्तिशाली बनाने हेतु (www.sanatansamvaad.com) इस ‘डिजिटल प्लेटफॉर्म’ का अनौपचारिक रूप से अनावरण किया गया ।

क्षणिका : हिन्दू धर्म का स्वीकार किए पूर्व पादरी तथा कुछ ही दिन पूर्व हिन्दू धर्म का स्वीकार किए पहले के मुसलमान इस ‘घरवापसी’ अभियान में सम्मिलित हैं । वे भी इस परिषद में उपस्थित थे ।