
वाराणसी – इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक मंदिर में धार्मिक प्रवचन के समय भारत विरोधी नारे लगाने के प्रकरण में तीनों के विरुद्ध आरोप पत्र रद्द करने से मना कर दिया है । न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की अध्यक्षता वाली पीठ ने आरोपी को राहत देने से मना करते हुए कहा कि दूसरे देश की प्रशंसा करना तथा अपने ही देश के विरुद्ध नारे लगाना, साथ ही धार्मिक प्रवचन में भाग लेने वाले लोगों के साथ दुर्व्यवहार करना तथा धमकी देना उचित नहीं है ।
फैजान अहमद, इदरीसी फैजान, शमशाद अहमद तथा अन्य आरोपी जुलाई २०१७ में एक धार्मिक प्रवचन के समय मंदिर परिसर में घुस गए तथा दूसरे पाकिस्तान की जय-जयकार बोलते हुए भारत विरोधी नारे लगाए । उन्होंने वहां उपस्थित लोगों को धमकाया । इन आरोपियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा १५३ तथा ५०६ के अंतर्गत आरोप पत्र प्रविष्ट किया गया था । आरोपियों को तुरंत बंदी बना लिया गया था ।
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