व्यापारी हीरानंदानी से पैसा लेकर लोकसभा में प्रश्न पूछे जाने का आरोप

नई देहली – तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा को लोकसभा से बर्खास्त किया गया है । पैसा लेकर लोकसभा में प्रश्न (कैश फॉर क्वेरी) पूछे जाने के प्रकरण में नैतिकता समिति का ब्यौरा लोकसभा में रखा गया था ,जिसमें समिति ने मोइत्रा को बर्खास्त करने की सिफारिश की थी । इसके उपरांत २ घंटे में ही मोइत्रा को बर्खास्त किया गया । ‘मोइत्रा ने लोकसभा में प्रश्न पूछने के लिए कंस्ट्रक्शन व्यापारी दर्शन हीरानंदानी से नगद रकम और महंगी भेंट वस्तुएं ली थीं’, ऐसा आरोप लगाया गया था । इसके एवज मोइत्रा ने हीरानंदानी को संसद की ओर से दिए जाने वाला संगणकीय ‘लॉग-इन आईडी’ और ‘पासवर्ड’ दिया था । इस माध्यम से हीरानंदानी ने अडानी समूह के संबंध में प्रश्न पूछे थे । इस संबंध में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने मोइत्रा द्वारा रिश्वत लेने की शिकायत लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर की थी । इसके उपरांत लोकसभा अध्यक्ष ने यह प्रकरण नैतिकता समिति को सौंपा था ।
(सौजन्य : TIMES NOW)
१. बर्खास्त किए जाने के उपरांत लोकसभा के बाहर महुआ मोइत्रा ने कहा कि दर्शन हीरानंदानी द्वारा पैसा दिए जाने के कोई भी साक्ष्य समिति ने नहीं दिए । इसके अतिरिक्त हीरानंदानी को जवाब प्रविष्ट करवाने के लिए इस समिति ने नहीं बुलाया । मैंने भेंट वस्तुएं स्वीकार कीं, इसका भी कोई साक्ष्य समिति के पास नहीं है । मैंने केवल मेरा लॉग-इन-आईडी शेयर किया, इतनी ही शिकायत मेरे विरोध में की गई । इस कारण आज मुझे बर्खास्त किया गया ।
२. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि सांसद के रूप में महुआ मोइत्रा का व्यवहार अनैतिक और असभ्य था । इस कारण उन्हें सांसद पद पर नहीं रखा जाएगा ।
संपादकीय भूमिकातृणमूल कांग्रेस में धर्मांध, जनताद्रोही और भ्रष्ट राजनीतिक भरे हैं, यह समय-समय पर सामने आया है । ऐसी पार्टी लोकतंत्र पर लगा कलंक है ! |
राजस्थान के कारागृह में आजीवन कारावास का दंड भुगत रहे २ बंदियों का २२ जुलाई को विवाह होगा
CM Dr. Mohan Yadav : प्रभु श्रीरामचंद्रजी ने एक विवाह किया, तो रहीम से भी वही अपेक्षा !
Dabur : ‘डाबर’ प्रतिष्ठान के पैकेटबंद मौसमी जूस में काला फफूंद मिला ।
Karnataka AI University : बेंगलुरु में देश का पहला सरकारी ‘एआई’ विश्वविद्यालय प्रारम्भ किया जाएगा ।
हिन्दु विवाह अधिनियम के अनुसार विवाह को वैध ठहराने के लिए केवल विवाह प्रमाणपत्र होना पर्याप्त नहीं है ।– Gujrat High Court
जम्मू न्यायालय ने पुलिस से अभिलेख की मांग की ।