वायु गुणवत्ता निर्देशांक ७०० पर पहुंचा !

नई देहली – भारत की राजधानी देहली का वायु गुणवत्ता निर्देशांक ७०० के आगे पहुंच गया है । इससे देहली विश्व के सर्वाधिक १० प्रदूषित नगरों में पहले क्रमांक पर आया है । सामान्यतः १०० निर्देशांक सामान्य माना जाता है । तदुपरांत वह धोकादायक होता है । देहली के उपरांत कोलकाता २०६ निर्देशांक के कारण तीसरे, तो मुंबई १६२ निर्देशांक के कारण पांचवें क्रमांक का प्रदूषित नगर हो गया है । सबसे प्रदूषित नगरों की सूची में पाकिस्तान का लाहौर दूसरे क्रमांक पर है ।
(सौजन्य : MIRROR NOW)
१. प्रदूषण के कारण देहली सरकार ने प्राथमिक विद्यालय १० नवंबर तक बंद रखने का आदेश दिया है । देहली के शिक्षामंत्री अतिशी ने कहा कि कक्षा ६ से १२ वीं के विद्यार्थियों के लिए ऑनलाईन वर्ग का विचार किया जा रहा है ।
२. वैद्यकीय तज्ञों के मतानुसार प्रदूषण के कारण त्वचा एवं हृदय से संबंधित रोग होने की संभावना है । इसके अतिरिक्त मधुमेह, अल्जाइमर एवं सिरदर्द का कष्ट हो सकता है । प्रदूषण का श्वसनसंस्था पर भी परिणाम होता है । छोटे बच्चों के मस्तिष्क के विकास पर विपरीत परिणाम होता है । उनकी मानसिक शक्ति न्यून होने लगती है ।
संपादकीय भूमिकाअच्छी बातों के लिए नहीं, अपितु बुरी बातों के लिए ही भारत की राजधानी सबसे आगे, यह लज्जाजनक है ! इसके लिए सर्वपक्षीय शासनकर्ता, प्रशासन और जनता उत्तरदायी है ! |
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