
नई देहली – भारत तथा चीन की सेना में ‘कोर कमांडर’ स्तर पर चर्चा का २०वां दौर ९ तथा १० अक्टूबर को लद्दाख सेक्टर के चुशूल-मोल्डो के समीप हुआ । इस संदर्भ में भारत के विदेश मंत्रालय ने प्रसारित किए निवेदन के अनुसार, इस बैठक में भारत तथा चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा तथा अन्य सूत्रों पर चर्चा हुई ।
(सौजन्य : Prabhasakshi)
लद्दाख में डेपसांग तथा डेमचोक से सेना पीछे लेने के लिए भारतीय सैनिक अधिकारियों ने चीन पर दबाव डाला । भारत तथा चीन ने सीमा क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए मान्य किया है । दोनों देशों ने खुली पद्धति से अपने विचार रखे ।
संपादकीय भूमिकाचीन ने सीमा पर शांति बनाए रखने पर सहमती दर्शाई है, तो भी उसपर विश्वास नहीं कर सकते हैं अत: भारत को सदा सतर्क रहना होगा ! |
पिछले १२ वर्षों में स्वास्थ्य सेवा लोगों के लिए सस्ती तथा सहज उपलब्ध हो, इसके लिए महत्वपूर्ण कार्य । – PM Modi
हमारी स्वतंत्र विदेशनीति नहीं है, परंतु संवाद के मार्ग खुले रखे जाएं ।- RSS Chief Mohan Bhagwat
अब शत्रु की मिसाइलें हवा में ही नष्ट होंगी !
बांग्लादेश में कट्टरपंथियों के दबाव में आकर ‘सनातन धर्म संकुल’ का निर्माण कार्य रुका !
India Nuclear Weapon : भारत के पास अनुमान से बहुत अधिक परमाणु हथियार हो सकते हैं – पाकिस्तान
भारत के शस्त्रों द्वारा यूरोप पर कभी भी आक्रमण नहीं हुआ; परंतु यूरोप ऐसे देशों को शस्त्र बेचता है, जिनके द्वारा भारत पर आक्रमण होते हैं ! : External Affairs Minister Jaishankar