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नई देहली – भारतीय नौसेना उसकी शक्ति को गति से बढा रहा है । नई ६८ युद्ध नौकाएं खरीदने की मांग की गई है । इसके लिए २ लाख करोड रुपए खर्च होने वाले हैं । इसके पीछे हिंद महासागर में चीन की बढती चुनौती मुख्य कारण है । इसके लिए वर्ष २०३५ तक भारत उसके युद्ध नौकाओं की संख्या १७५ करने का प्रयास करने के साथ लडाकू जहाज और हेलीकॉप्टर की भी संख्या बढाने वाला है ।
》To counter #China in IOR, #India plans 175-warship Navy by 2035
》The #Navy now has 68 warships & vessels on order(2 L crore)
》India’s continuing quest to build a stronger #blue-water #force to protect its huge #geostrategic interests as well as counter China in #IOR. pic.twitter.com/JDtbAxLbCC
— MANGAL🇮🇳 (@valvimangal97) September 18, 2023
१. नौसेना के पास वर्तमान में १४३ जहाज, १३० हेलीकॉप्टर और १३२ युद्ध नौकाएं हैं । अब नई पीढी की युद्ध नौकाएं, पनडुब्बियां साथ ही अन्य नौकाएं खरीदने की अनुमति दी गई है ।
२. वर्तमान में चीन हिंद महासागर में उसका नौसेना बेस बनाने का प्रयास कर रहा है । इसके लिए वह अफ्रीका के जिबूती, पाकिस्तान के कराची और ग्वादर उसी प्रकार कंबोडिया के मरी पोर्ट में बेस निर्माण कर रहा है । वर्तमान में चीन के पास विश्व की सबसे बडी नौसेना है । उसके पास ३५५ युद्ध नौकाएं और पनडुब्बियां हैं , जिसमें वह गति से बढ़ोत्तरी कर रहा है । पिछले १० वर्षों में चीन ने १५० नई युद्ध नौकाएं बढाई हैं । चीन अगले ५-६ वर्षों में युद्ध नौकाओं की संख्या ५५५ करने की तैयारी में है ।
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