
बरेली (उत्तर प्रदेश) – यहां आमला के होली फॅमिली कॉन्वेंट विद्यालय में बच्चों को रक्षाबंधन मनाने से रोका गया । विद्यालय के बच्चे रक्षाबंधन के अवसर पर एक दूसरे को राखी बांध रहे थे । विद्यालय व्यवस्थापन ने हस्तक्षेप कर सभी बच्चों को ऐसा करने से रोका और उनके हाथों पर बंधी सभी राखियां निकालने को बाध्य किया । इस विषय की जानकारी मिलते ही बच्चों के अभिभावकों ने विद्यालय जाकर विद्यालय व्यवस्थापन का विरोध किया । इसके उपरांत व्यवस्थापन ने अभिभावकों से क्षमा मांगी ।
#BareillyNews: बरेली के स्कूल में टीचर ने बच्चों को राखी बांधने से रोका, एबीवीपी ने विद्यालय प्रशासन पर लगाया ये आरोपhttps://t.co/11MkhTG8rz
— ABP Ganga (@AbpGanga) August 30, 2023
राखी, मेहंदी अथवा तिलक लगाकर विद्यालय आने पर विद्यार्थियों को दंड नहीं दिया जा सकता ! – राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग
राखी बांधकर, मेहंदी अथवा तिलक लगाकर कलावा (रंगीन धागा) बांधकर विद्यालय में आए विद्यार्थियों को दंड मिलने का प्रसंग अनेकों बार हुआ है । ऐसे समय विद्यालय प्रशासन की ओर से विद्यार्थियों को दंड दिया जाता है । इस विषय को ‘राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग’ ने गंभीरता से लिया है । आयोग की अध्यक्षा प्रियंका कानूनगो ने बताया कि, ‘शिक्षा अधिकार कानून, २००९’ की धारा १७ के अंतर्गत विद्यालय में शारीरिक दंड प्रतिबंधित है । त्योहार अथवा उत्सव के समय विद्यालय के शिक्षक और अन्य कर्मचारियों द्वारा विद्यार्थियों को प्रताडित किया जाता है अथवा उनसे भेदभाव किया जाता है । उत्सवों के समय विद्यालय में आने वाले बच्चों को राखी, तिलक अथवा मेहंदी लगाने नहीं दी जाती । इस दौरान बच्चों को शारीरिक और मानसिक रुप से प्रताडित किया जाता है, ऐसा कानूनगो ने कहा है ।
ध्यान दें स्कूल !
राखी, मेहंदी या तिलक लगाकर स्कूल आने पर विद्यार्थी को नहीं कर सकते दंडित, NCPCR ने जारी किया निर्देश।
स्कूल प्रशासन द्वारा बच्चों को शारीरिक दंड देने से संबंधित खबरों पर NCPCR के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने संज्ञान लिया हैhttps://t.co/0CfXc8YPpN
— Panchjanya (@epanchjanya) August 31, 2023
संपादकीय भूमिकाकॉन्वेंट विद्यालयों की हिन्दू घृणा जानिए ! सरकार को ऐसे विद्यालयों की अनुमति रद्द करनी चाहिए, तो ही इसके आगे ऐसा साहस कोई भी विद्यालय नहीं करेगा ! |
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