
प्रतिभावान एवं चारित्र्यसंपन्न हिन्दुत्वनिष्ठों के संगठन इस वैश्विक हिन्दू राष्ट्र महोत्सव को आकाशगंगा की उपमा दी जा सकेगी । सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजर इस आकाशगंगा को साधना के ज्ञान के द्वारा प्रकाश देनेवाले एकमात्र स्वप्रकाशी सूर्य हैं । मैं उनके चरणों में प्रणाम करता हूं ।

यहां उपस्थित संतगण एवं सद्गुरु इस आकाशगंगा में सप्तर्षियों के रूप में एक अलग स्थान पर विराजमान हैं । जिस प्रकार तेजस्वी ध्रुवतारा अचल रहकर अंधेरी रात में दिशादर्शन का काम करता है, उस प्रकार से सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी, श्रीसत्शक्ति (श्रीमती) बिंदा नीलेश सिंगबाळजी जैसे संतगण इस अधिवेशन में आध्यात्मिक स्तर पर दिशादर्शन कर रहे हैं । चंद्रमा की शीतलता भी महत्त्वपूर्ण होती है । उस प्रकार से विनम्र स्वभाव के एवं चारित्र्यसंपन्न हिन्दू जनजागृति समिति के समन्वयक एवं सनातन के साधक इस महोत्सव के आरंभ से ही भोजन, वाहन, निवास आदि प्रबंध कर रहे हैं । वे चित्रीकरण के माध्यम से इस महोत्सव को समस्त विश्वतक पहुंचा रहे हैं । हम इन सभी का अभिनंदन करते हैं । सबसे महत्त्वपूर्ण बात यह है कि इस महोत्सव में विभिन्न प्रांतों से आनेवाले हिन्दुत्वनिष्ठ इस आकाशगंगा के चमकनेवाले तारे हैं !
– श्री. कमलेश कटारिया, अध्यक्ष, ‘संकल्प हिन्दू राष्ट्र अभियान’, छत्रपति संभाजीनगर
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