
कोलकाता (बंगाल) – यद्यपि पत्नी के नाम पर घर लेने हेतु पति के पैसे देने की बात सिद्ध हुई, तब भी यह सिद्ध होना आवश्यक है कि पति ने यह लेनदेन पूर्ण रूप से स्वयं को लाभ होने तथा केवल उसे ही उसका लाभ मिलने हेतु किया है । इसलिए भारतीय समाज में यदि किसी पति ने पत्नी के नाम पर घर लेने हेतु बडी राशि दी है, तब भी उसे ‘बेनामी लेनदेन’ कहना असंभव होगा ।
लेन-देन केवल बेनामी नहीं है क्योंकि पति ने पत्नी के नाम पर संपत्ति खरीदने के लिए पैसे दिए थे: कलकत्ता उच्च न्यायालय https://t.co/8bk5jRDPJk
— बार & बेंच – Hindi Bar & Bench (@Hbarandbench) June 15, 2023
ऐसे लेनदेन में पैसे का स्रोत महत्त्वपूर्ण सिद्ध होता है; परंतु निर्णायक नहीं ! कोलकाता उच्च न्यायालय ने एक प्रकरण की सुनवाई के समय ऐसा कहा ।
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