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अमलनेर (महाराष्ट्र) – यहां के सफार गली के जिनगर गली में रात क्रिकेट खेलते समय बच्चों का आपस में झगडा हो गया । इससे धर्मांधों ने हिन्दुओं पर जोरदार पथराव किया, परिणामस्वरूप दंगे भडक उठे । (ऐसी घटनाओं से बारंबार यह ध्यान में आता है कि धर्मांध पत्थर एकत्र करके रखते हैं । इसलिए यदि किसी को लगे कि बीच-बीच में धर्मांधों के घरों पर छापा डालकर यह देखना चाहिए कि ‘पत्थर हैं क्या ?’ तो इसमें गलत क्या है ? – संपादक)
१. पथराव होने की जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारी यथाशीघ्र घटनास्थल पर पहुंचे । तब धर्मांधों ने ईंट, पत्थर, फरसा इत्यादि से पुलिसकर्मियों एवं अधिकारियों पर आक्रमण किया ।
२. इरफान जहुर दिलदार ने तलवार से सहायक पुलिस निरीक्षक राकेश सिंह पर आक्रमण किया ।
३. अतिरिक्त पुलिस बल मंगवाकर स्थिति पर नियंत्रण प्राप्त किया और २ दिन के लिए संचारबंदी लागू की गई है ।
४. चिंदर गली के पथराव के उपरांत शहर में अन्य स्थानों पर भी दंगे हुए ।
पवन चौक में प्रतिकार करनेवाले हिन्दुओं को पुलिस ने रोका !सप्ताह बाजार भाग में तिरंगा चौक के दत्त मंदिर पर भी धर्मांधों ने पथराव किया । यह बात पवन चौक भाग के हिन्दू युवकों को पता चलते ही वे उसका प्रतिकार करने के लिए बाहर निकले तो पुलिस ने उन्हें रोके रखा । तब उन हिन्दू युवकों ने प्रतिक्रिया व्यक्त की कि ‘‘पुलिस होते हुए भी कोई उपयोग नहीं । पुलिस हिन्दुओं को तो राेकती है; परंतु मुसलमानों के सामने उनकी एक नहीं चलती !’’ हिन्दुओं की स्थिति इतनी दयनीय हो गई है कि उन्हें केवल मार खाना है, प्रतिकार तक नहीं करना है । यदि पुलिस ने धर्मांधों पर धाक जमाई होती, तो हिन्दुओं को प्रतिकार करने की आवश्यकता ही नहीं होती, यह पुलिस को ध्यान में रखना चाहिए ! |
संपादकीय भूमिका
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भारत-नेपाल सीमा से प्रवेश करने का प्रयास करने वाला खालिस्तानी अलगाववादी अमेरिकी नागरिक सहित बन्दी ।
(और इनकी सुनिए…) ‘प्रधानमंत्री ने प्रश्नपत्र लीक का उत्तरदायित्व निश्चित ही नहीं किया !’ – कांग्रेस
Dr. Anand Ranganathan : ‘अनशन का अर्थ है अराजकता’, यह डॉ. अम्बेडकर का वक्तव्य, सोनम वांगचूक को करारा तमाचा ।
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सोनम वांगचुक ने अनशन समाप्त किया !
हमने सरकार के समक्ष रखीं ३ मांगें !