हनुमानजी की पूजा से पूर्व, तथा हनुमान जयंती के दिन घर अथवा देवायल में हनुमान तत्त्व आकर्षित एवं प्रक्षेपित करनेवाली सात्त्विक रंगोलियां बनाएं । ऐसी कुछ रंगोलियां आगे दी हैं । ऐसी रंगोलियां बनाने से वहां का वातावरण हनुमान तत्त्व से आवेशित होकर सभी को उसका लाभ मिलता है । इन रंगोलियों में पीला, हलका नीला, गुलाबी, ऐसे सात्त्विक रंग भरें ।
हनुमानजी की तारक शक्ति से युक्त रंगोली

श्री हुनुमान के स्पंदन आकर्षित व प्रक्षेपित करने हेतु यह रंगोली बनाते समय मध्य बिंदु से अष्टदिशाओं में प्रत्येक दिशा में ४ बिंदु बनाएं ।
हनुमानजी की मारक शक्ति से युक्त रंगोली

वातावरण के कष्टदायक स्पन्दन दूर करने हेतु यह रंगोली बनाते समय मध्यबिंदु से अष्टदिशाओं में ५ बिंदु बनाएं ।
(विविध देवताओं से संबंधित रंगोलियां सनातन के लघुग्रंथ ‘सात्त्विक रंगोलियां’ में दी हैं ।)
हनुमानजी के नामजप से अनिष्ट शक्तियों की पीडा से मुक्ति मिल सकती है । कुछ शारीरिक एवं मानसिक विकारों के निर्मूलन हेतु हनुमानजी का जप करना उपयुक्त है । इससे संबंधित विवेचन सनातन के ग्रंथ ‘नामजप-उपचारसे दूर होनेवाले विकार’ में किया है ।
(इस ग्रंथ की मांग करने हेतु पृष्ठ २ पर दिए अपने निकट के केंद्रों से संपर्क करें ।)
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम !
संपादकीय : आर्थिक अनुशासन
हिन्दू जनजागृति समिति के हिन्दू राष्ट्र संपर्क अभियान अंतर्गत राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी की मध्य प्रदेश यात्रा !
ज्ञानमूर्ति, निर्गुण तत्त्व की नित्य अनुभूति देनेवाले एवं ब्रह्मानंद में निमग्न रहनेवाले सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी
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