
नई देलही : सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि को ‘अयोध्या बुद्ध विहार’ घोषित करने को अस्वीकार कर दिया । मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ की खंडपीठ के समक्ष प्रकरण की सुनवाई हुई । उस समय पीठ ने कहा, ‘अयोध्या प्रकरण में सर्वोच्च न्यायालय वर्ष २०१९ में निर्णय सुना दिया है, अत: याचिकाकर्ता को याचिका वापस लेनी चाहिए, अन्यथा न्यायालय इसे निरस्त करेगा ”। याचिका विनीत मौर्य नाम के एक याचिकाकर्ता ने प्रविष्ट की थी। “बौद्ध कलाकृतियाँ श्री राम जन्मभूमि के स्थल मिली थीं। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने श्री राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद प्रकरण पर २०१० के अपने निर्णय में यह बात कही है। इसलिए, भूमि को प्राचीन स्मारक और पुरातत्व स्थल और अवशेष (सुधार और प्रमाणन) अधिनियम की धारा ३ एवं ४ के अनुसार राष्ट्रीय पुरातत्व स्थल के रूप में घोषित किया जाना चाहिए,” मौर्य ने तर्क दिया था ।
अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण क्षेत्र को बुद्ध विहार घोषित करने की मांग से जुड़ी याचिका पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार किया दिया है. #Ayodhya #RamTemple @Sehgal_Nipun #SupremeCourt https://t.co/jhVbEM5XYK
— ABP News (@ABPNews) February 3, 2023
वर्ष २०२२-२३ में मुंबई के ४ सहस्र ६३ वृक्ष कंक्रीटीकरण (काँक्रिटीकरण) से मुक्त, परंतु अभी भी वे प्रकार निरंतर जारी
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Ram Mandir Donation Theft : श्रीराम मंदिर दान चोरी प्रकरण में सर्वोच्च न्यायालय का केंद्र तथा उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस
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