राष्ट्रीय अन्वेषण तंत्र द्वारा अलगाववादी संगठन पर कार्रवाई !

श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर) – हुरियत कान्फरन्स इस अलगाववादी संगठनने आतंकवाद की आर्थिक सहायता करने के आरोप से देहली के एक न्यायालय ने संगठन के यहां के राजबाग क्षेत्र के कार्यालय को सील करने का आदेश दिया । इसके अंतर्गत राष्ट्रीय अन्वेषण तंत्र द्वारा २९ जनवरी की सुबह यह कार्रवाई की गई ।
NIA ने आतंकी फंडिंग मामले में दिल्ली की एक अदालत के आदेश पर कश्मीर में श्रीनगर के राजबाग इलाके में अलगाववादी हुर्रियत कांफ्रेंस के कार्यालय को कुर्क कर लिया #JammuAndKashmir https://t.co/f8soGmJ1Vl
— AajTak (@aajtak) January 29, 2023
१. वर्ष १९९३ में निर्मित हुर्रियत कान्फरन्स संगठन २६ अलगाववादी संगठनों का संगठन है तथा विगत साढेतीन वर्षों से केंद्रशासन उसके विरुद्ध कार्रवाई कर रहा है ।
२. कान्फरन्स का राजबाग स्थित कार्यालय अगस्त २०१९ से अर्थात जब से कश्मीर को विशेषाधिकार देनेवाले अनुच्छेद ३७० एवं ३५ अ (कश्मिरी नागरिक के अतिरिक्त अन्यों को वहां मालमत्ता खरीदी करने का अधिकार न होना) दूर किए गए, तब से ही बंध है ।
३. अबतक कान्फरन्स की अवैध संपत्ति पर कार्रवाई की गई है । दिसंबर २०२२ में संगठन के भूतपूर्व अध्यक्ष सय्यद अली शाह गिलानी के २० स्थानों की संपत्ति पर कार्रवाई की गई है । यह कार्रवाई राज्य अन्वेषण तंत्र द्वारा की गई थी ।
४. इससे पहले पुलिस प्रशासन द्वारा जमात-ए-इस्लामी के ३ स्थानों की संपत्ति पर कारवाई की गई । कहा जाता है कि, राज्य अन्वेषण तंत्र ने जमात-ए-इस्लामी की कुल १८८ संपत्ति को पहचान लिया है तथा उन पर भी शीघ्र ही कार्रवाई की जाएगी ।
संपादकीय भूमिकाभारत से कश्मीर को अलग करने का हुरियत कान्फरन्स का ३ दशकों का इतिहास है, तब भी उस पर कोई कार्रवाई किए बिना उसके नेताओं को देहली का आमंत्रण देनेवाली कांग्रेस ने अब ‘भारत जोडो’ यात्रा आयोजित करना कितना हास्यास्पद है, यह ध्यान में आता है ! राहुल गांधी अब कश्मीर की यात्रा करनेवाले है, इसलिए जनता को इस संदर्भ में उनसे उत्तर मांगना चाहिए ! |
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