
नई देहली – भारत का ७४ वां गणतंत्र दिवस प्रतिवर्ष की तरह देशभर में उत्साह के साथ मनाया गया । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राजधानी देहली के कर्तव्यपथ (जिसे पहले राजपथ के नाम से जाना जाता था) पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया । तत्पश्चात तीनों बल, अर्धसैनिक बल, पुलिस बल आदि ने संचलन किया । विभिन्न राज्यों के चित्ररथों का भी प्रदर्शन किया गया । कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ केंद्रीय मंत्री, विभिन्न देशों के राजदूत एवं मुख्य अतिथि के रूप में इजिप्त के राष्ट्रपति अब्दुल फतेह अल सिसी उपस्थित थे ।
सौजन्य एबीपी माझा
साढे तीन शक्तिपीठों एवं महाराष्ट्र की नारी शक्ति की संकल्पना पर आधारित चित्ररथ प्रस्तुत किया गया

यहां के चित्ररथों के संचलन में महाराष्ट्र के चित्ररथों ने एक बार पुनः सभी का ध्यान आकर्षित किया l महाराष्ट्र ने इसके पूर्व, यहां ४० बार चित्ररथ प्रस्तुत कर चुके हैं । चित्ररथ को महाराष्ट्र के प्रसिद्ध साढे तीन शक्तिपीठों एवं नारी शक्ति की अवधारणा के आधार पर प्रस्तुत किया गया । इसमें कोल्हापुर की श्री महालक्ष्मी, तुलजापुर की श्री तुलजाभवानी, माहुर की श्री रेणुकामाता, ये ३ पूर्ण शक्तिपीठ एवं वणी के आधे शक्तिपीठ को इस चित्ररथ द्वारा प्रस्तुत किया गया ।
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