
कोलकाता (बंगाल) – तृणमूल कांग्रेस के नेता और पूर्व क्रिकेट खिलाडी कीर्ति आजाद ने १६ अक्टूबर के दिन झूठा वक्तव्य ट्वीट कर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दूसरे सरसंघचालक पू. माधवराव गोलवलकर (गुरुजी) का अपमान किया । ‘गोलवलकर अंग्रेजों की गुलामी करने के लिए तैयार रहते थे; लेकिन दलित, पिछडे और मुसलमानों को समान अधिकार देने वाली स्वतंत्रता उन्हें नहीं चाहिए थी’, यह झूठा वक्तव्य उनके नाम और छायाचित्र सहित आजाद ने ट्वीट कर किया है । (भगत सिंह, गोलवलकर गुरुजी समान राष्ट्रपुरूषों को अपमानित कर राजनीतिक स्वार्थ साधने वाले राजनेताओं का राष्ट्रप्रेमी जनता को कानूनी मार्ग से विरोध करना चाहिए ! – संपादक)
Is this true?
क्या ये सच है?? pic.twitter.com/a56Bwuc2Na— Kirti Azad (@KirtiAzaad) October 16, 2022
१. एक ट्विटर प्रयोगकर्ता ने कहा है कि, आजाद ने जो लिखा है वह सच नहीं है । उन्हें चुप बैठना चाहिए ।
२. सुशील अग्रवाल ने लिखा है कि, कीर्ति आजाद ने जिस पुस्तक का उल्लेख किया है, उस पुस्तक को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और गुरुजी ने नकार दिया था ।
३. अन्य अनेक ट्विटर प्रयोगकर्ताओं ने आजाद द्वारा किए विधान को झूठ बताया है और बताया कि, पू. गोलवलकर गुरूजी ने ऐसी कोई भी टिप्पणी नहीं की थी ।
संपादकीय भूमिकासंघ और पू. गोलवरकर गुरुजी के विषय में तनिक भी ज्ञान न होते हुए स्वयं का अज्ञान दिखानेवाले तृणमूल कांग्रेस के नेता ! |
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