
नई देहली – कश्मीर मसले पर किसी के मध्यस्थता की आवश्यकता नहीं । जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी कार्यवाहियां करने वाले पाकिस्तान के आतंकवादियों पर कार्यवाही करना अधिक आवश्यक है, इस प्रकार से भारत ने पाकिस्तान सहित जर्मनी को स्पष्ट किया है । कश्मीर समस्या का हल निकालने के लिए संयुक्त राष्ट्रों को आगे आना चाहिए, ऐसे वक्तव्य पाकिस्तान और जर्मनी ने संयुक्त पत्रकार परिषद में किए थे । भारत ने इस पर आपत्ति दर्शाई है ।
भारत ने कहा कि कश्मीर, यह पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय सूत्र होने के नाते इसमें तीसरे देश को अथवा तीसरे पक्ष को हस्तक्षेप करने की कुछ भी आवश्यकता ही नहीं है । विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने पहले ही वक्तव्य किया है कि, अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद और विशेषत: सीमा पार से होने वाले आतंकवाद पर भूमिका लेना यह विश्व के सभी देशों का दायित्व है ।
जम्मू-कश्मीर कें मानवाधिकारों का उल्लंघन किया जा रहा है । इस कारण प्रादेशिक शांति और स्थिरता को खतरा निर्माण होने का वक्तव्य पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ने किया था । (वास्तविक शांति स्थापित होने के लिए जिहादी आतंकवाद के निर्माता पाक को नष्ट करना चाहिए और भारत आने वाले समय में यह करेगा, यह भुट्टो को भूलना नहीं चाहिए ! – संपादक)
संपादकीय भूमिकाजिहादी पाक को अब शब्दों के माध्यम से स्पष्ट करना पर्याप्त नहीं, उसे हमेशा के लिए सबक सिखाए जाने की आवश्कता है, यह भारतीय शासनकर्ता ध्यान में लेंगे क्या ? |
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