
नई दिल्ली – पिछले १८ वर्षों में कांग्रेस और भाजपा की सरकारों के समय लगभग २०० नेताओं पर सीबीआई ने अपराध प्रविष्ट किए, छापे मारे, उन्हे बंदी बनाया अथवा उनकी जांच की , जिसमें से ८० प्रतिशत नेता विपक्षी पक्षों के थे । कांग्रेस के शासनकाल में ६० प्रतिशत, तो वर्ष २०१४ में सत्ता पर आने के उपरांत भाजपा शासित सरकारों के समय ९५ प्रतिशत विरोधी पक्षों के लोगों पर जांच एंजेंसियों की ओर से कार्यवाही की गई ।
NDA सरकार में विपक्ष के 95% नेताओं पर CBI की तलवार, UPA में यह आंकड़ा 60% #upa #nda #cbi #tmc #सीबीआई #टीएमसी #भाजपा #कांग्रेस #politics https://t.co/qYSoJ48YMU
— Oneindia Hindi (@oneindiaHindi) September 20, 2022
कांग्रेस सरकार के १० वर्षों के (वर्ष २००४ से २०१४) शासनकाल में ७२ नेताओं की सीबीआई द्वारा जांच की गई जिनमें से ४३ (६० प्रतिशत) विरोधी पक्षों के थे । भाजपा सरकार के पिछले ८ वर्षों के शासनकाल में १२४ प्रमुख नेताओं को सीबीआई की जांच का सामना करना पडा । जिनमें से ११८ लोग विरोधी पक्षों के नेता हैं, अर्थात ९५ प्रतिशत विरोधी पक्षों के नेताओं को सीबीआई ने बंदी बनाया । विशेषत: यह कि दोनों सरकारों के शासनकाल में संबंधित नेताओं द्वारा पक्ष बदलने पर उनके ऊपर कोई कार्यवाही नहीं हुई ।
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