केंद्र सरकार देहली के १ सहस्र १०० शरणार्थी रोहिंग्याओं को २५० घरों में बसाएगी !

  • ३ समय भोजन, दूरभाष, दूरदर्शन आदि सुविधाओं की भी आपूर्ति !

  • देहली पुलिस देगी २४ घंटे सुरक्षा !

नई देहली – केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि जिन लोगों ने देश में आश्रय मांगा, भारत ने सदैव ऐसे लोगों का स्वागत ही किया है । इसी को लेकर एक ऐतिहासिक निर्णय द्वारा देहली के १ सहस्र १०० रोहिंग्या मुसलमानों को तंबू से निकालकर देहली स्थित बक्करवाला विस्तार में स्थित आर्थिक दृष्टि से पिछडे लोगों के २५० घरों में (फ्लेट्स में) स्थलांतरित किया जाएगा । उन्हें सर्व प्रकार की मूलभूत सुविधाएं एवं २४ घंटे पुलिस सुरक्षा दी जाएगी । यह निर्णय देहली के मुख्य सचिव, देहली सरकारी अधिकारी, देहली पुलिस एवं केंद्रीय गृह मंत्रालय की बैठक में लिया गया । जुलाई माह में यह बैठक हुई थी । देहली के मदनपुरा खादर विस्तार में तंबू-निवासी रोहिंग्याओं पर सरकार प्रतिमाह ७ लाख रुपए व्यय कर रही है ।

रोहिंग्याओं को घरों के साथ सामाजिक कल्याण विभाग से पंखे, ३ समय का भोजन, लैंडलाईन दूरभाष, दूरदर्शन संच आदि वस्तुएं भी दी जाएंगी । जिन रोहिंग्याओं के पास ‘युनाइटेड नेशन हाइ कमिश्नर रेफ्युजीस’ का प्रमाण पत्र है, इन घरों में केवल उन्हीं को स्थलांतरित किया जाएगा । भारत संयुक्त राष्ट्रों के वर्ष १९५१ की शरणार्थी नीति को मानता है तथा धर्म, जाति एवं वर्ण में भेद नहीं करता, जबकि जिनको आवश्यकता है, उन्हीं को शरण देता है । इसी आधार पर रोहिंग्याओं को उपरोक्त सुविधाएं दी जा रही हैं ।

इस प्रकार का कोई भी आदेश नहीं ! – केंद्रीय गृहमंत्रालय द्वारा स्पष्टीकरण

प्रसारमाध्यमों से रोहिंग्याओं के संदर्भ में प्रकाशित वृत्त पर स्पष्टता दी जा रही है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने देहली स्थित बक्करवाला में रोहिंग्या शरणार्थियों को घर देने का कोई भी आदेश नहीं दिया है । घुसपैठ कर आए हुए लोगों को कानून के अनुसार देश से बाहर कर देने तक शरणार्थियों के लिए बनाए केंद्रों में रखा जाता है । देहली सरकार ने राज्य में इस प्रकार का कोई भी केंद्र घोषित नहीं किया है । उन्हें आदेश दिया गया है कि वे ऐसा करें । देहली सरकार ने रोहिंग्याओं को नए घरों में स्थलांतरित करने का प्रस्ताव रखा । हमने उनको निर्देश दिए हैं कि रोहिंग्या सदा वतर्मान ठिकानों में रहेंगे, इसकी सुनिश्चिति करें; कारण ऐसा है कि उन्हें भारत से सीमा पार करने के लिए हमने पहले ही उनके देश से प्रक्रिया आरंभ कर दिया है ।

भाजपा देहली के नेता कपिल मिश्रा ने किया विरोध

भाजपा देहली के नेता श्री. कपिल मिश्रा ने ट्वीट कर कहा है कि रोहिंग्या एवं बांग्लादेशी मुसलमान शरणार्थी नहीं, अपितु वे घुसपैठिए हैं । उनके निवास स्थानों से मादक (नशीले) पदार्थ, मानव तस्करी एवं जिहाद चलाया जाता है । उनको नियंत्रण में लेकर उनके देश वापस भेज देना चाहिए, यही इस पर ठोस उपाय है ।

रोहिंग्याओं के स्थान पर कश्मीरी हिन्दू, अफगानिस्तान से आए हुए हिन्दू एवं सिक्खों को घरों की आपूर्ति एवं सुरक्षा दी जाए । पाकिस्तान से आए हिन्दू शरणार्थियों को अनेक वर्षों से जहां बिजली नहीं, ऐसी कुटिया में रहना पड रहा है । उन्हें आज तक सरकार की शरणार्थी की योजनाओं के लाभ नहीं मिले हैं ।

 

रोहिंग्याओं को उनके देश वापस भेज दें ! – विहिंप का विरोध

विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा है कि हम हरदीप पुरी को स्मरण कराने की इच्छा रखते हैं कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने १० दिसंबर २०२० को कहा था कि भारत रोहिंग्याओं को कभी स्वीकार नहीं करेगा । रोहिंग्या शरणार्थी नहीं, अपितु घुसपैठिए हैं । भारत सरकार ने भी सर्वोच्च न्यायालय में यही कहा है । हम सरकार को उनके वर्तमान निर्णय पर पुनर्विचार करने का आवाहन कर रहे हैं एवं रोहिंग्याओं को उनके देश वापस भेजने की मांग करते हैं ।

देश में रोहिंग्याओं को लानेवाली एवं उनको बसानेवाली भाजपा ही है ! – आम आदमी पार्टी

देहली की आम आदमी पार्टी की सरकार द्वारा केंद्र सरकार के इस निर्णय का विरोध किया गया है । ‘आप’ सरकार का कहना है कि देहली के नागरिक इसकी अनुमति नहीं देंगे । ‘आप’ के नेता सौरभ भारद्वाज ने ट्वीट कर कहा है कि देश में रोहिंग्याओं को लानेवाली एवं उनको बसानेवाली भाजपा ही है । देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड करनेवाली भाजपा का यह षड्यंत्र उजागर हो गया है । भाजपा ने स्वीकार किया है कि उन्होंने रोहिंग्याओं को देहली में बसाया ।