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- विधान सभा जनता के सेवा कार्य के लिए है । ऐसी मांग पर हंगामा कर सदन का समय व्यर्थ करने वालों से, सरकार, सभा स्थगित करने से होने वाली वित्तहानी वसूल करे ! – संपादक
- ऐसी घटनाओं को स्थायी रूप से रोकने के लिए, देश में त्वरित समान नागरिक कानून बनाना अत्यावश्यक है ! – संपादक

पाटलिपुत्र (पटना, बिहार) – एम.आई.एम. विधायक अख्तरुल ईमान और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के विधायक महबूब आलम ने शुक्रवार ११ मार्च को, बिहार विधानसभा में सदन की कार्यवाही दोपहर १२.३० बजे तक स्थगित करने की मांग की । इस मांग का कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल के विधायकों ने भी समर्थन किया । विधानसभा अध्यक्ष द्वारा, प्रार्थना के लिए, सदन की कार्यवाही स्थगित न करने पर, विरोधी पक्षों ने आंदोलन किया । इसलिए ,सदन की कार्यवाही १४ मार्च तक के लिए स्थगित कर दी गई ।
१. विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने कहा, ‘शुक्रवार की नमाज के लिए काम नहीं रोका जा सकता । जो लोग नमाज पढना चाहते हैं, वे कक्ष के बाहर जाकर नमाज पढ सकते हैं । विधायक आलम और ईमान ने इसका विरोध करते हुए कहा, ”यह सदन की पुरानी परंपरा है ।”
२. इसपर विधानसभा अध्यक्ष सिन्हा ने कहा कि, “परंपराओं और नियमों को समय के साथ बदला जा सकता है । जो लोग नमाज पढना चाहते हैं, उन्हें पहले ही सदन में बोलने की अनुमति दी जा चुकी है ।” इसके उपरांत, विरोधी पक्षों के विधायकों द्वारा, आंदोलन करने के कारण, सदन की कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया ।
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