
ग्वालियर (म. प्र.) – प्रवचन के आरंभ में संस्था के कार्य और संस्थापक के विषय में जानकारी दी गई । बसंत पंचमी के दिन को माता सरस्वती के जन्मोत्सव के रूप में मनाने का महत्त्व व उनकी उत्पत्ति कैसे हुई, इसकी कथा सुनाई गई । कुलदेवता के जप का महत्त्व, नमस्कार करने की उचित पद्धति, पढाई से पूर्व भावपूर्ण प्रार्थना करने से एकाग्रता कैसे बढती है, इसकी जानकारी दी गई । इस कार्यक्रम में अनेक विद्यार्थी तथा शिक्षक उपस्थित थे ।
अनुभूति
कुछ विद्यार्थियों को प्रार्थना करते समय प्रत्यक्ष में सामने सरस्वती मां हैं ऐसी अनुभूति हुई ।
एक विद्यार्थी को ऐसे लगा जैसे सरस्वती मां उसकी ओर आ रही है । सकारात्मकता बढी है ।
क्षणिका
श्री समर्थ कोचिंग के संस्थापक श्री. संतोष चालिसगांवकर तथा माधव कॉलेज के श्री. नितिन देवकर उपस्थित थे । उन्होंने बताया की प्रार्थना की बहुत अच्छी जानकारी दी गई ।
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