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गया (बिहार) – गया नगर पालिका द्वारा शहर में जहां पिंडदान किया जाता है, उन ५० ‘पिंड वेदी’ पर पिंड दान करने आने वाले प्रत्येक व्यक्ति ५ रुपए शुल्क लिया जाएगा । नगर पालिका द्वारा इस पिण्ड वेदी क्षेत्र की सफाई एवं रख-रखाव हेतु एक प्रतिष्ठान को प्रतिवर्ष एक करोड रुपए का ठेका दिया गया है । इस संदर्भ में यह शुल्क वसूल किया जाएगा ; परंतु इस निर्णय का पुजारियों एवं उनके संगठन ने विरोध किया है । ‘इसके परिणाम होंगे’, ऐसी उन्होंने चेतावनी दी है ।
बिहार के गया में पिंड देने वाले श्रद्धालुओं से नगर निगम वसूल रहा शुल्क, पंडा समाज के विरोध के बाद मेयर ने कहा – फैसला सरकार का#Gaya #Biharhttps://t.co/Iw1P85n3Uo
— ऑपइंडिया (@OpIndia_in) January 2, 2022
१. यहां का पंडा समाज एवं विष्णुपद प्रबंध कारिणी समिति ने इसका विरोध करते हुए कहा है कि, ‘यदि नगर पालिका इस प्रकार से शुल्क जमा कर रही हैं, तो तीर्थयात्रियों के लिए यह पवित्र स्थान वसूली का अड्डा बन जाएगा । ऐसे शुल्क जमा करना, आय का स्रोत नहीं होना चाहिए । यह निर्णय तुरंत वापस लिया जाना चाहिए ।’
२. विष्णुपद प्रबंधन समिति के अध्यक्ष शंभूलाल विठ्ठल ने कहा है कि, ‘इस प्रकार के निर्णय के कारण लोगों में निराशा का वातावरण है । इस निर्णय पर नगर पालिका एवं प्रशासन को पुनर्विचार करना चाहिए ।’
३. गया नगर पालिका ने कहा है कि, ‘पिंड वेदी में स्थित सीताकुंड एवं अक्षयवट मंदिरों की स्वच्छता एवं रखरखाव का ठेका दिया गया है । तदुपरांत यहां शुल्क वसूल करने का निर्णय लिया गया है ।’
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