देहली – जनकपुरी स्थित श्रीराम मंदिर के अध्यक्ष तथा सनातन धर्म प्रतिनिधि सभा, देहली के कार्यकारी अध्यक्ष श्री. भूषण लाल पराशरजी से हाल ही में हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय मार्गदर्शक सदगुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी ने सस्नेह भेंट की । इस प्रसंग में सनातन संस्था की देहली प्रवक्ता कु. कृतिका खत्री भी उपस्थित थीं ।
श्री. पराशरजी की आयु लगभग ८५ वर्ष है । वे विविध सामाजिक कार्याें में सक्रिय हैं तथा उनका उत्साह युवाओं जैसा है । श्री. पराशरजी ने बताया कि सनातन धर्म परिषद देहली क्षेत्र के २ सहस्र मंदिरों का व्यवस्थापन और नियंत्रण करती है । मंदिरों के अर्चकों का आचरण, व्यवहार और पौरोहित्य उत्तम हो, इसलिए परिषद १५ दिनों का अर्चक शिविर आयोजित करती है ।
इस समय श्री. पराशर ने कहा, ‘‘आप अत्यधिक मूलभूत और आवश्यक कार्य कर रहे हैं । आपके पास सभी विषयों पर ग्रंथ हैं । आज हिन्दू अपने त्योहार, परंपरा, आचार-विचार के विषय में अनभिज्ञ हैं । विशेषतः शहरों में रहनेवाले हिन्दू धर्म से दूर जा रहे हैं । आज शुद्ध स्वरूप में धर्म बतानेवाले उपलब्ध नहीं हैं । हिन्दुओं को धर्मशिक्षा नहीं दी, तो आगामी पीढी को कुछ भी समझ में नहीं आएगा । हम देहली में मिलकर धर्मकार्य करेंगे ।’’
क्षणिकाएं
१. श्री. पराशरजी ने प्रभु श्रीराम को अर्पण किया हार प्रसाद के स्वरूप में सद्गुरु डॉ. पिंगळेजी को पहनाकर उनका सम्मान किया ।
२. सद्गुरु डॉ. पिंगळेजी ने श्री. पराशरजी को वर्ष २०२२ का सनातन पंचांग, साथ ही ‘देवालय में दर्शन कैसे करें ?’, ‘पूजापूर्व आवश्यक व्यक्तिगत व्यवस्था, ‘आरती कैसे करें ?’ आदि हिन्दी भाषा के ग्रंथ भेंट दिए ।
३. श्री. पराशरजी ने कहा ‘हम सनातन के ग्रंथ देहली के प्रमुख मंदिरों में रखने का प्रयास करेंगे ।’
४. भविष्य में होनेवाले अर्चक शिविरों में मार्गदर्शन करने के लिए हम निश्चित ही आपको आमंत्रित करेंगे, ऐसा श्री. पराशरजी ने सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी को बताया ।
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सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के ओजस्वी विचार
कोटि कोटि प्रणाम !
सनातन धर्म के मूर्तिमान स्वरूप सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी के श्री चरणों में कोटि-कोटि वंदन !
संपादकीय : गुरुभ्यो नमः ।
हरियाणा में सनातन संस्था द्वारा आयोजित निःशुल्क सनातन संस्कार प्रशिक्षण शिविर संपन्न