माला निकालने पर खेलने की अनुमति दी जाएगी, यह सुनने पर धर्मनिष्ठ हिन्दू लडके ने माला निकालना अस्वीकार कर दिया !

ब्रिस्बेन (ऑस्ट्रेलिया) – ब्रिसबेन में भारतीय मूल के एक १२ वर्षीय फुटबॉल खिलाडी, कु. शुभ पटेल को एक फुटबॉल मैच में खेलने से रोक दिया गया, क्योंकि, उसने गले में तुलसी की पवित्र माला पहनी हुई थी । इस विषय में, ‘द ऑस्ट्रेलिया टुडे’ ने समाचार प्रकाशित किया है । ५ वर्ष की आयु से ही कु. शुभ माला पहनता है, इसलिए, उसने अंपायरों के कहने पर माला निकालना अस्वीकार कर दिया । “मैं केवल एक मैच खेलने के लिए माला निकालने के बजाय अपने धर्म का पालन करना अधिक श्रेष्ठ समझता हूं”, उसने कहा । उसे इससे पहले १५ से अधिक मैचों में खेलने पर भी कभी ऐसा नहीं कहा गया था ।
I'd rather follow my religion than break it, says 12 year old Hindu boy sent off field in Australia for wearing a 'mala' https://t.co/JGZfeVEyOf
— OpIndia.com (@OpIndia_com) August 31, 2021
तुलसी की माला मुझे आत्मविश्वास देती है और मैं सुरक्षित अनुभव करता हूं !
शुभ पटेल ने कहा, ‘माला निकालना हिन्दू धर्म में वर्ज्य है । सनातन परंपरा में, पूजा में, प्रसाद के रूप में प्राप्त माला को धारण कर उससे नामस्मरण करना अत्यंत शुभ होता है । यदि मैं माला त्यागता हूं, तो भगवान सोचेंगे कि मुझे उन पर विश्वास नहीं है । यह मुझे आत्मविश्वास देती है और इसे धारण करने पर मैं सुरक्षित अनुभव करता हूं ।’
‘फुटबॉल क्वींसलैंड’, इस सरकारी संगठन और ‘तोवॉन्ग सॉकर क्लब’ की ओर से क्षमायाचना की है । (३.९.२०२१)
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