परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी के ओजस्वी विचार

‘राजनीतिक पक्ष दल ‘हम यह देंगे, वह देंगे’ ऐसा कहकर जनता को स्वार्थी बनाते हैं और स्वार्थ के कारण जनता में वाद विवाद होते हैं । इसके विपरीत साधना त्याग करना सिखाती हैं; इस कारण जनता में वाद विवाद नहीं होते और सभी मिलकर एक परिवार के रूप में आनंद से रहते हैं ।
– (परात्पर गुरु) डॉ. आठवले

सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के ओजस्वी विचार
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के ओजस्वी विचार
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के ओजस्वी विचार
ग्रंथवाचन एवं ग्रंथों के लिए चिन्हित कतरनों से सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी का ध्यान में आया ईश्वरत्व !
कर्मयोग, ज्ञानयोग एवं भक्तियोग के क्रम में हुई परम पूज्य डॉक्टरजी की आध्यात्मिक यात्रा
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के ओजस्वी विचार