परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी के ओजस्वी विचार

‘भारत के हिन्दुओं में हिन्दू धर्म के अतिरिक्त भाषा, त्योहार, उत्सव, कपड़े इत्यादि विभिन्न राज्यों में विभिन्न हैं । इस कारण हिन्दुओं को केवल धर्म ही एकजुट कर सकता है । हिन्दू, धर्म का महत्व अब तो समझें और सभी को एकजुट करने का प्रयास करें, यह अत्यावश्यक है ।’
– (परात्पर गुरु) डॉ. आठवले

सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के ओजस्वी विचार
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के ओजस्वी विचार
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के ओजस्वी विचार
ग्रंथवाचन एवं ग्रंथों के लिए चिन्हित कतरनों से सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी का ध्यान में आया ईश्वरत्व !
कर्मयोग, ज्ञानयोग एवं भक्तियोग के क्रम में हुई परम पूज्य डॉक्टरजी की आध्यात्मिक यात्रा
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के ओजस्वी विचार