राष्ट्र एवं धर्मप्रेम !

‘व्यक्तिगत प्रेम की अपेक्षा राष्ट्रप्रेम और धर्मप्रेम करके देखिए । उसमें अधिक आनंद है !’
– (परात्पर गुरु) डॉ. आठवले

‘व्यक्तिगत प्रेम की अपेक्षा राष्ट्रप्रेम और धर्मप्रेम करके देखिए । उसमें अधिक आनंद है !’
– (परात्पर गुरु) डॉ. आठवले