हिन्दू राष्ट्र की स्थापना होने हेतु हमारा भक्त बनना आवश्यक है !

‘श्रीराम स्वयं ईश्वर के अवतार थे । पांडवों के समय पूर्ण अवतार श्रीकृष्ण थे । छत्रपति शिवाजी महाराज के समय समर्थ रामदास स्वामी थे । इससे ध्यान में आता है कि ईश्वरीय राज्य की स्थापना ईश्वर स्वयं करते हैं अथवा संतो से करवाते हैं । ‘अब हिन्दू राष्ट्र की स्थापना ईश्वर करें अथवा संतो से करवा लें’, इसके लिए हमें उनका भक्त बनना आवश्यक है । – (परात्पर गुरु) डॉ. आठवले
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के ओजस्वी विचार
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के ओजस्वी विचार
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के ओजस्वी विचार
ग्रंथवाचन एवं ग्रंथों के लिए चिन्हित कतरनों से सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी का ध्यान में आया ईश्वरत्व !
कर्मयोग, ज्ञानयोग एवं भक्तियोग के क्रम में हुई परम पूज्य डॉक्टरजी की आध्यात्मिक यात्रा
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के ओजस्वी विचार