भावपूर्ण धार्मिक विधियों के साथ संपन्न हुआ श्री राजमातंगी महायज्ञ समारोह !

श्री राजमातंगी मंडल पर पुष्पार्पण करतीं श्रीसत्शक्ति श्रीमती बिंदा सिंगबाळजी तथा उनके पीछे श्रीचित्शक्ति श्रीमती अंजली गाडगीळजी, सद्गुरु डॉ. मुकुल गाडगीळजी, सद्गुरु नीलेश सिंगबाळजी, दाईं ओर शिवागम विद्यानिधि आगमाचार्य श्री. अरुणकुमार गुरुमूर्तिजी

दिव्य शंखनाद !

पुरोहित श्री. अमर जोशी

सनातन के पुरोहित श्री. अमर जोशी द्वारा किए शंखनाद से समारोह का शुभारंभ !

यज्ञ निर्विघ्न रूप से संपन्न हो, इसके लिए महागणपति पूजन तथा यज्ञ पुण्यकारक होने हेतु किया गया पुण्याहवाचन !

कुमकुमार्चन !

सेवानिवृत्त न्यायाधीश श्रीमती पुष्पा गनेडीवाला तथा उद्योगपति श्री. वीरेंद्र गनेडीवाला ने देवी को कुमकुमार्चन करने के उपरांत बताया कि उन्हें अलौकिक समाधान मिला !

देवीतत्त्व को आकर्षित करनेवाला कुमकुम शक्तितत्त्व का प्रतीक है । श्री राजमातंगीदेवी सहित दशमहाविद्या आदिशक्तियों की कृपा हो, इस हेतु ललिता त्रिशती कुमकुमार्चन किया गया ! सहयजमानों ने यह कुमकुमार्चन भावपूर्वक किया ।

देवी की आराधना !

अधिवक्ता श्री. एवं श्रीमती पुनाळेकर चैतन्यदायी श्री महिषासुरमर्दिनी स्तोत्रपाठ !

श्री गणपति होम द्वारा गणेशजी की आराधना एवं मंत्रोच्चारण सहित किया श्री राजमातंगी व परिवार देवताओं का होम !

आहुति समर्पित !

तमिलनाडु स्थित सुब्रह्मण्यम् मंदिर के पारंपरिक पुजारी श्री गुरुमूर्ति शिवाचार्यजी (आध्यात्मिक स्तर ६१ प्रतिशत) ने भावपूर्ण मंत्रोच्चारण करते हुए यज्ञ का मुख्य पौरोहित्य किया ।

श्री राजमातंगीदेवी के मूलमंत्रों से यज्ञ में आहुतियां समर्पित की गईं । इस समय ९६ प्रकार के १०८ द्रव्यों की आहुति दी गई । आहुति अर्पित करने के पीछे ‘देवी द्वारा दिया देवी को ही अर्पित करना’, यही भाव होता है !